BUSINESS: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू की है। अब पात्र करदाता अपने एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में विदेशों में मौजूद संपत्तियों और विदेशी आय से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। यह सुविधा करदाताओं को सही और पारदर्शी तरीके से अपना आयकर रिटर्न भरने में मदद करेगी।
CBDT के अनुसार, यह जानकारी ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन (AEOI) व्यवस्था के तहत भारत को दूसरे देशों से प्राप्त होती है। इस सुविधा का उद्देश्य करदाताओं को उनके पास उपलब्ध विदेशी संपत्ति और आय से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे ITR दाखिल करते समय सही विवरण दर्ज कर सकें।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा किसी तरह की जांच या कार्रवाई के उद्देश्य से शुरू नहीं की गई है। इसका मुख्य मकसद करदाताओं को टैक्स नियमों का सही तरीके से पालन करने में सहायता देना है। इससे लोग अनजाने में होने वाली गलतियों से बच सकेंगे और अपने रिटर्न को अधिक सटीक बना पाएंगे।
भारत ने दुनिया के 100 से अधिक देशों के साथ वित्तीय सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत भारत को हर साल अपने टैक्स रेजिडेंट्स की विदेशों में मौजूद वित्तीय संपत्तियों और आय से संबंधित जानकारी मिलती है।
AEOI व्यवस्था के तहत प्राप्त जानकारी में विदेशी बैंक खाते, कस्टोडियल खाते, कुछ वित्तीय निवेश, ब्याज, डिविडेंड और अन्य निर्धारित वित्तीय आय से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है। साझेदार देश अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार यह जानकारी भारत के साथ साझा करते हैं।
फिलहाल इनकम टैक्स पोर्टल पर कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 से जुड़ी उपलब्ध जानकारी दिखाई जा रही है। वहीं साल 2025 की जानकारी सितंबर या अक्टूबर 2026 में प्राप्त होने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
CBDT ने स्पष्ट किया है कि AIS में दिखाई जाने वाली विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी केवल वही है, जो भारत को दूसरे देशों से प्राप्त हुई है। इसे किसी व्यक्ति की विदेशों में मौजूद सभी संपत्तियों और आय का पूरा रिकॉर्ड नहीं माना जा सकता।
इसलिए करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी सभी विदेशी संपत्तियों और विदेशी स्रोतों से होने वाली आय का पूरा और सही विवरण इनकम टैक्स रिटर्न में जरूर दें। चाहे वह जानकारी AIS में दिखाई दे रही हो या नहीं, करदाता को शेड्यूल FA (Foreign Assets) और शेड्यूल FSI (Foreign Source Income) में सही जानकारी दर्ज करनी होगी।
नई सुविधा के तहत करदाता अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग अकाउंट में लॉगिन कर आसानी से विदेशी संपत्ति की जानकारी देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें पोर्टल पर जाकर AIS सेक्शन खोलना होगा। इसके बाद कंप्लायंस पोर्टल में जाकर रिपोर्ट्स विकल्प चुनना होगा। यहां फॉरेन एसेट्स इन्फॉर्मेशन विकल्प पर क्लिक करके संबंधित कैलेंडर वर्ष की जानकारी देखी जा सकती है और इसकी पीडीएफ भी डाउनलोड की जा सकती है।
CBDT की ओर से इस सुविधा की जानकारी देने के लिए करदाताओं को SMS और ई-मेल भी भेजे जा रहे हैं। इनमें बताया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास विदेशों में संपत्ति या विदेशी आय है तो आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR दाखिल करते समय उसका सही विवरण देना जरूरी है।
इसके अलावा करदाता इनकम टैक्स पोर्टल पर उपलब्ध AI आधारित वर्चुअल असिस्टेंट 'कर साथी' की मदद भी ले सकते हैं। यह सुविधा सही ITR फॉर्म चुनने, विदेशी संपत्ति की रिपोर्टिंग और टैक्स से जुड़े अन्य सवालों के जवाब देने में सहायता करेगी।
CBDT का कहना है कि इस नई पहल से करदाताओं को समय पर जरूरी जानकारी मिलेगी और टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी होगी। विभाग को उम्मीद है कि इससे विदेशी संपत्तियों और आय की सही रिपोर्टिंग बढ़ेगी तथा टैक्स अनुपालन व्यवस्था और मजबूत होगी।