Business : कृषि वायदा कारोबार पर फिर लगा ब्रेक

Update: 2025-03-25 08:00 GMT

व्यापार | सरकार ने गेहूं, चना, धान, सरसों, मूंग, सोयाबीन और मूंगफली सहित सात प्रमुख कृषि उत्पादों के वायदा कारोबार पर एक साल की और रोक बढ़ा दी है। यह प्रतिबंध दिसंबर 2021 में लगाया गया था, जिसे अब 2026 तक बढ़ा दिया गया है। सरकार का मानना है कि वायदा कारोबार से कीमतों में अनिश्चितता और महंगाई पर असर पड़ सकता है।

क्यों बढ़ाई गई पाबंदी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, वायदा बाजार में सट्टेबाजी और जमाखोरी के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। सरकार ने यह कदम कृषि बाजार को स्थिर रखने और उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने के लिए उठाया है। हालांकि, इससे कृषि उत्पादों में निवेश और हेजिंग की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।

ईएसआई से जुड़े 18 लाख से ज्यादा कर्मचारी

कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) योजना के तहत फरवरी 2025 में 18.07 लाख नए कर्मचारी पंजीकृत हुए, जिससे इस योजना से जुड़े कुल कर्मचारियों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। यह डेटा ईएसआई कॉरपोरेशन (ESIC) की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है।

क्या है ESI योजना?

ईएसआई कर्मचारियों को मेडिकल, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ देने वाली योजना है। इस स्कीम में निजी और सरकारी संस्थानों के कर्मचारी शामिल होते हैं। नए कर्मचारियों की संख्या में इजाफा बताता है कि भारत में औपचारिक रोजगार बढ़ रहा है।

आगे क्या?

  • कृषि उत्पादों के वायदा कारोबार पर पाबंदी से ट्रेडिंग सेक्टर में हलचल।

  • ESI से अधिक कर्मचारियों के जुड़ने से संगठित रोजगार बढ़ने के संकेत।

  • सरकार की महंगाई और खाद्य सुरक्षा नीतियों पर आगे भी कड़े फैसले संभव।

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