वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) घटकर लगभग 28.27 करोड़ बैरल रह गया है। यह अक्टूबर 1982 के बाद का सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के आंकड़ों के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में रणनीतिक भंडार से तीन लाख बैरल तेल कम हुआ। लगातार घटते भंडार ने अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य में संभावित तेल आपूर्ति संकट से निपटने की क्षमता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 20 मार्च 2026 के मुकाबले अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में करीब 13.28 करोड़ बैरल की कमी आई है। यह लगभग 32 प्रतिशत की गिरावट है। इस दौरान अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति में व्यवधान से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर आपातकालीन भंडार से कच्चा तेल उपलब्ध कराया है।
अक्टूबर 1982 के बाद सबसे कम तेल बचा
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के ताजा साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व 282.683 मिलियन बैरल पर पहुंच गया।
इससे पहले 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भंडार लगभग 282.983 मिलियन बैरल था। यानी एक सप्ताह में करीब तीन लाख बैरल की कमी दर्ज की गई।
यह स्तर लगभग 44 वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 1982 के बाद पहली बार अमेरिकी रणनीतिक तेल भंडार इतनी निचली स्थिति में पहुंचा है।
मार्च 2026 में यह भंडार करीब 415.4 मिलियन बैरल था। इसके बाद लगातार तेल निकासी से भंडार में बड़ी कमी आई है।
पिछले 30 सप्ताह में लगातार घटा भंडार
अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में गिरावट लंबे समय से जारी है। उपलब्ध साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 30 सप्ताह में 29 सप्ताह ऐसे रहे, जब भंडार में कमी दर्ज की गई।
यह आंकड़ा दिखाता है कि अमेरिका अपने आपातकालीन तेल भंडार का लगातार इस्तेमाल कर रहा है।
मार्च से अक्टूबर के बीच भंडार में लगभग 13.28 करोड़ बैरल की कमी आई है। इतनी बड़ी मात्रा में तेल निकालना अमेरिकी ऊर्जा नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग असाधारण परिस्थितियों में तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए किया जाता है। हालांकि, लगातार निकासी होने से भविष्य में किसी नए आपूर्ति संकट के दौरान उपलब्ध आपातकालीन विकल्प सीमित हो सकते हैं।
आखिर क्यों खाली हो रहा अमेरिका का तेल भंडार?
अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में गिरावट की प्रमुख वजह मध्य पूर्व में संघर्ष और उससे पैदा हुई तेल आपूर्ति की समस्या है।
मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के सदस्य देशों ने वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान से निपटने के लिए लगभग 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का समन्वित फैसला किया था।
इस योजना के तहत अमेरिका ने लगभग 17.22 करोड़ बैरल तेल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।
अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने आपातकालीन एक्सचेंज व्यवस्था के जरिए तेल जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत कंपनियों को अभी कच्चा तेल दिया जाता है, जिसे भविष्य में अतिरिक्त मात्रा के साथ लौटाना होता है।
इसका उद्देश्य आपूर्ति में तत्काल कमी को दूर करना और तेल बाजार को स्थिर करने में मदद करना है।
क्या है स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व?
स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व अमेरिका का आपातकालीन कच्चा तेल भंडार है। इसे विशेष परिस्थितियों में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया था।
इसकी शुरुआत वर्ष 1977 में हुई थी। अमेरिका ने अपनी तेल सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से बड़े भूमिगत भंडारण केंद्र विकसित किए।
इन केंद्रों में कच्चा तेल जमीन के भीतर नमक की विशाल प्राकृतिक संरचनाओं में सुरक्षित रखा जाता है।
अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व की अधिकृत भंडारण क्षमता लगभग 71.4 करोड़ बैरल है।
वर्तमान में इसमें क्षमता के लगभग 40 प्रतिशत के बराबर तेल मौजूद है। इससे स्पष्ट होता है कि आपातकालीन
भंडार अपनी अधिकतम क्षमता से काफी नीचे पहुंच चुका है।
चार बड़े केंद्रों में रखा जाता है तेल
अमेरिका का रणनीतिक तेल भंडार मुख्य रूप से टेक्सास और लुइसियाना में स्थित चार प्रमुख केंद्रों में रखा जाता है।
इनमें बिग हिल, ब्रायन माउंड, बेयू चॉक्टॉ और वेस्ट हैकबेरी शामिल हैं।
इन केंद्रों में अलग-अलग गुणवत्ता वाला कच्चा तेल संग्रहित किया जाता है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग नियमित रूप से इनकी स्थिति और उपलब्ध तेल की मात्रा की निगरानी करता है।
रणनीतिक तेल भंडार केवल घरेलू जरूरतों से जुड़ा विषय नहीं है। अमेरिका वैश्विक तेल बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए उसके भंडार से तेल जारी करने के फैसलों का अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी असर पड़ सकता है।
अमेरिका के सामान्य तेल भंडार में भी गिरावट
रणनीतिक तेल भंडार के अलावा अमेरिका के व्यावसायिक कच्चे तेल के भंडार में भी कमी आई है।
16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी व्यावसायिक कच्चे तेल का भंडार लगभग 31 लाख बैरल घटकर 41.25 करोड़ बैरल रह गया।
यह गिरावट बाजार विश्लेषकों के अनुमान से अधिक थी।
इस दौरान अमेरिकी पेट्रोल भंडार में भी लगभग 30 लाख बैरल की कमी दर्ज हुई, जबकि डिस्टिलेट भंडार में करीब 17 लाख बैरल की वृद्धि हुई।
व्यावसायिक तेल भंडार और रणनीतिक तेल भंडार अलग-अलग होते हैं। दोनों में कमी के आंकड़े ऊर्जा बाजार में आपूर्ति की स्थिति समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का खतरा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से दुनिया के कई देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
तेल महंगा होने पर परिवहन, उद्योग और माल ढुलाई की लागत प्रभावित होती है। इसका असर विभिन्न उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
खासकर उन देशों के लिए चुनौती अधिक होती है, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करते हैं।
हालांकि, रणनीतिक तेल भंडार में गिरावट का अर्थ यह नहीं है कि अमेरिका में तत्काल तेल समाप्त होने वाला है। अमेरिका के पास घरेलू उत्पादन, आयात और व्यावसायिक भंडार जैसे अन्य आपूर्ति स्रोत भी हैं।
भारत पर क्या हो सकता है असर?
भारत दुनिया के प्रमुख कच्चे तेल आयातक देशों में शामिल है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
यदि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो भारत के आयात बिल में वृद्धि हो सकती है।
इसके अलावा रुपये पर दबाव, परिवहन लागत में बढ़ोतरी और महंगाई की आशंका भी पैदा हो सकती है।
हालांकि, घरेलू पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर असर कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें कर, विनिमय दर और तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति शामिल हैं।
क्या अमेरिका फिर भरेगा अपना तेल भंडार?
अमेरिका के सामने अब एक महत्वपूर्ण सवाल रणनीतिक तेल भंडार को दोबारा भरने का है।
आपातकालीन एक्सचेंज व्यवस्था के तहत तेल लेने वाली कंपनियों को भविष्य में तेल वापस करना होता है। इससे आने वाले समय में भंडार बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
हालांकि, भंडार दोबारा भरने की गति तेल की उपलब्धता, सरकारी नीतियों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
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