प्राइवेट फोटो लीक की धमकी से रहें सावधान पैसे देने की बजाय तुरंत करें शिकायत
साइबर ठगी का नया तरीका प्राइवेट फोटो के नाम पर वसूले जा रहे पैसे
नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें एक खतरनाक तरीका प्राइवेट फोटो या वीडियो लीक करने की धमकी देकर पैसे मांगना भी है। ऐसे मामलों में कई लोग डर और शर्म के कारण साइबर अपराधियों के दबाव में आ जाते हैं और पैसे दे देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा करना समस्या को और बढ़ा सकता है।
साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अगर कोई व्यक्ति आपकी निजी तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दे रहा है तो सबसे पहले घबराएं नहीं और किसी भी हालत में पैसे न दें। अपराधी अक्सर डर का फायदा उठाकर बार-बार पैसे मांगते हैं और भुगतान करने के बाद भी धमकी देना जारी रख सकते हैं।
तुरंत ये कदम उठाएं
1. अपराधी से बातचीत बंद करें
धमकी देने वाले व्यक्ति से बहस या बातचीत करने से बचें। उसे कोई और निजी जानकारी, फोटो या दस्तावेज न भेजें।
2. सभी सबूत सुरक्षित रखें
धमकी भरे मैसेज, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया प्रोफाइल, स्क्रीनशॉट और पेमेंट की मांग से जुड़े सभी सबूत संभालकर रखें। ये पुलिस जांच में बेहद उपयोगी हो सकते हैं।
3. सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित करें
अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड बदलें। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें और अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करें।
4. साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें
भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा तुरंत मदद के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
5. नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें
अगर धमकी गंभीर है या कोई फोटो/वीडियो पहले ही साझा किया जा चुका है तो पुलिस में शिकायत जरूर करें। कानून में ऐसे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है।
अपराधी कैसे करते हैं ब्लैकमेल?
साइबर अपराधी अक्सर सोशल मीडिया, फर्जी प्रोफाइल, डेटिंग ऐप या हैक किए गए अकाउंट के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं। वे निजी जानकारी हासिल कर डर पैदा करते हैं और बदनामी का डर दिखाकर पैसे मांगते हैं।
कई बार अपराधी नकली स्क्रीनशॉट या झूठे दावे करके भी पीड़ित को डराने की कोशिश करते हैं। ऐसे में बिना जांच किए उनकी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
अपनी सुरक्षा के लिए रखें ध्यान
अनजान लोगों को निजी फोटो या वीडियो भेजने से बचें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
किसी भी ऐप को अनावश्यक परमिशन न दें।
ऑनलाइन दोस्ती करते समय सावधानी बरतें।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ब्लैकमेल एक अपराध है और पीड़ित को शर्म या डर के कारण चुप नहीं रहना चाहिए। समय पर शिकायत करने से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।
अगर कोई आपकी निजी तस्वीरों को लेकर धमकी दे रहा है तो याद रखें कि गलती डरकर पैसे देना नहीं, बल्कि समय पर कानूनी मदद लेना है।