एयरटेल के दमदार नतीजे, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

Update: 2026-08-04 14:36 GMT
बिजनेस :देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करते हुए मुनाफे, राजस्व, ग्राहक संख्या और नेटवर्क विस्तार सभी मोर्चों पर उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। शानदार परिणामों के बाद कंपनी की विकास रणनीति और भविष्य की संभावनाओं को लेकर निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
एयरटेल का शुद्ध मुनाफा जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़कर 8,167 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 5,947 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का कुल राजस्व भी 18.3 प्रतिशत बढ़कर 58,539 करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पहले 49,462 करोड़ रुपये था। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि एयरटेल ने अपने प्रमुख कारोबारों में लगातार मजबूत वृद्धि हासिल की है।
कंपनी की इस सफलता के पीछे भारत और अफ्रीका दोनों बाजारों में अच्छा प्रदर्शन रहा। भारत में मोबाइल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, वहीं अफ्रीका में भी कंपनी ने अपने ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया है। भारत में एयरटेल का कुल राजस्व 41,214 करोड़ रुपये रहा, जिसमें लगभग 9.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। बेहतर मोबाइल सेवाओं, बढ़ते डेटा उपयोग और प्रीमियम प्लान्स की मांग ने इस वृद्धि को गति दी।
एयरटेल के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में शामिल औसत प्रति ग्राहक आय (ARPU) भी बढ़कर 264 रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 250 रुपये थी। ARPU में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि ग्राहक अधिक डेटा का उपयोग कर रहे हैं और उच्च मूल्य वाले प्लान चुन रहे हैं। इसके साथ ही प्रति ग्राहक मासिक डेटा खपत भी 36 प्रतिशत बढ़कर 34.4 जीबी तक पहुंच गई, जो भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल खपत को दर्शाती है।
कंपनी का होम्स बिजनेस यानी ब्रॉडबैंड और होम इंटरनेट सेवाओं का कारोबार भी लगातार विस्तार कर रहा है। इस सेगमेंट की आय में 33.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एयरटेल ने इस तिमाही में लगभग 4.73 लाख नए होम ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े, जिसके बाद कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.47 करोड़ हो गई। इसके अलावा एयरटेल बिजनेस सेगमेंट ने भी 12 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जिसका प्रमुख कारण डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग और मजबूत ऑर्डर बुक रही।
परिचालन प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का EBITDA 33,599 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 57.4 प्रतिशत पर पहुंच गया। भारत के कारोबार में यह मार्जिन 60.1 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो कंपनी की मजबूत परिचालन दक्षता को दर्शाता है। साथ ही एयरटेल की वित्तीय स्थिति भी पहले से अधिक मजबूत हुई है। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 1.70 से घटकर 1.17 रह गया है, जिससे कर्ज का दबाव कम हुआ है और बैलेंस शीट पहले की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दे रही है।
ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के मामले में भी एयरटेल ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी ने पहली तिमाही के दौरान 1.49 करोड़ नए ग्राहक जोड़े, जिसके बाद 15 देशों में उसके कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 681 मिलियन यानी 68.1 करोड़ हो गई। इस दौरान कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक पोस्टपेड ग्राहक वृद्धि दर्ज की और एक ही तिमाही में लगभग 10 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक जुड़े। वहीं स्मार्टफोन डेटा उपयोग करने वाले ग्राहकों की संख्या में भी 2.11 करोड़ की वार्षिक बढ़ोतरी हुई, जिससे कुल मोबाइल ग्राहकों में उनकी हिस्सेदारी 80 प्रतिशत तक पहुंच गई।
नेटवर्क विस्तार के मोर्चे पर भी एयरटेल ने बड़े पैमाने पर निवेश जारी रखा। कंपनी ने तिमाही के दौरान 1,579 नए मोबाइल टावर स्थापित किए और 14,540 मोबाइल ब्रॉडबैंड बेस स्टेशन लगाए। पिछले एक वर्ष में एयरटेल ने 7,631 नए टावर खड़े किए तथा 45,171 किलोमीटर अतिरिक्त फाइबर नेटवर्क बिछाया। बेहतर नेटवर्क अनुभव देने के लिए कंपनी ने पोस्टपेड फास्ट लेन नामक नई सेवा भी शुरू की है, जो 5G स्लाइसिंग तकनीक पर आधारित है।
अफ्रीका में भी एयरटेल अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रही है। कंपनी ने एयरटेल अफ्रीका पीएलसी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 79 प्रतिशत से अधिक कर ली है। कंपनी का मानना है कि अफ्रीका भविष्य में उसके लिए एक महत्वपूर्ण विकास बाजार साबित होगा और वहां डिजिटल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ेगी।
एयरटेल के कार्यकारी उपाध्यक्ष गोपाल विट्टल ने कहा कि कंपनी ने भारत और अफ्रीका दोनों क्षेत्रों में संतुलित और मजबूत प्रदर्शन किया है। उनके अनुसार बेहतर नेटवर्क, बढ़ती डिजिटल मांग, ग्राहक-केंद्रित रणनीति और निरंतर निवेश के दम पर कंपनी आगे भी विकास की इसी रफ्तार को बनाए रखने का प्रयास करेगी। पहली तिमाही के नतीजे स्पष्ट संकेत देते हैं कि एयरटेल मजबूत ग्राहक आधार, बेहतर आय, बढ़ते ARPU और नेटवर्क विस्तार के दम पर भारतीय टेलीकॉम उद्योग में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रही है।
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