बिजनेस : शेयर बाजार में लंबे समय से सुस्त पड़े एक शेयर में अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली है। कारोबारी सत्र के दौरान इस शेयर ने करीब **10 फीसदी तक छलांग लगाई**, जिसके बाद निवेशकों की नजर इस पर टिक गई है। बाजार विशेषज्ञों ने भी इस शेयर को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है और लंबी अवधि के निवेशकों को इसे पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह दी है।
हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी कंपनी के शेयर में तेजी केवल एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर नहीं आंकी जाती। निवेशकों के लिए कंपनी के फंडामेंटल, भविष्य की ग्रोथ, आय क्षमता और बाजार की स्थिति को समझना जरूरी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कारोबारी आधार वाले शेयरों में गिरावट के बाद अच्छे मौके बन सकते हैं।
लंबे समय से दबाव में था शेयर
यह शेयर पिछले कुछ समय से बाजार में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था। निवेशकों की दिलचस्पी कम होने और सेक्टर से जुड़ी चुनौतियों के कारण इसकी कीमत में ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिली थी। लेकिन हाल के कारोबारी अपडेट और ब्रोकरेज की सकारात्मक राय के बाद इसमें खरीदारी बढ़ी।
बाजार में कई बार ऐसे शेयरों में तेजी देखने को मिलती है जो लंबे समय तक सीमित दायरे में कारोबार करते हैं। जब कंपनी से जुड़ी कोई सकारात्मक खबर, बेहतर कमाई की उम्मीद या ब्रोकरेज की रेटिंग में बदलाव आता है तो निवेशकों की धारणा बदल सकती है।
एक्सपर्ट ने क्यों दी खरीदारी की सलाह?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस शेयर में तेजी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन में आकर्षण और भविष्य में सुधार की उम्मीद शामिल हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि जिन कंपनियों के शेयर लंबे समय तक दबाव में रहते हैं लेकिन उनका कारोबार मजबूत बना रहता है, उनमें लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि निवेशकों को बिना जांच-पड़ताल के सिर्फ तेजी देखकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। शेयर बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है और निवेश का फैसला अपनी वित्तीय स्थिति और लक्ष्य के अनुसार लेना चाहिए।
बाजार में क्यों बढ़ी खरीदारी?
इस शेयर में अचानक आई तेजी के पीछे निवेशकों की बढ़ती रुचि को प्रमुख कारण माना जा रहा है। ट्रेडर्स ने इसमें तेजी की संभावना देखते हुए खरीदारी बढ़ाई, जिससे शेयर की कीमत में तेजी आई।
इसके अलावा, कई बार संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी शेयर की चाल को प्रभावित करती हैं। अगर किसी कंपनी को लेकर बाजार में भरोसा बढ़ता है तो उसका असर शेयर कीमत पर दिखाई देता है।
क्या अभी भी निवेश का मौका है?
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शेयर में निवेश से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना चाहिए:
* कंपनी की आय और मुनाफे का रिकॉर्ड
* कर्ज की स्थिति
* सेक्टर में भविष्य की संभावनाएं
* शेयर का मौजूदा वैल्यूएशन
* बाजार का रुझान
अगर कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं और भविष्य में ग्रोथ की संभावना है तो गिरावट के बाद निवेश का अवसर मिल सकता है।
बाजार में ऐसे शेयरों पर रहती है नजर
भारतीय शेयर बाजार में कई ऐसे स्टॉक रहे हैं जिन्होंने लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन के बाद अचानक वापसी की है। ब्रोकरेज कंपनियां समय-समय पर ऐसे शेयरों पर अपनी राय जारी करती हैं और निवेशकों को संभावित अवसरों के बारे में जानकारी देती हैं।
लेकिन बाजार विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि निवेशकों को केवल किसी एक खबर या सोशल मीडिया की चर्चा के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
10 फीसदी की तेजी किसी भी शेयर के लिए आकर्षक लग सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह तेजी लंबे समय तक टिक पाएगी। इसके लिए कंपनी के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं को देखना जरूरी है।
अगर कंपनी लगातार बेहतर नतीजे देती है और कारोबार में सुधार जारी रहता है तो शेयर में आगे भी मजबूती आ सकती है। वहीं, कमजोर फंडामेंटल वाले शेयरों में अचानक आई तेजी के बाद गिरावट का खतरा भी बना रहता है।
कुल मिलाकर, इस शेयर में आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान जरूर खींचा है। एक्सपर्ट की सकारात्मक राय के बावजूद निवेशकों को सोच-समझकर और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
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