जनता से रिश्ता वेबडेस्क। इलेक्ट्रिक कारों के दौर की शुरुआत हो चुकी है और जहां नई और पुरानी लगभग सभी कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन पेश कर रही हैं, वहीं ग्राहक भी अब इनमें दिलचस्पी दिखाने लगे हैं. इस समय एक्सपीरियंस ना होने के वजह से ज्यादातर ग्राहकों को अब तक ये नहीं पता कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना होता है और क्या सावधानियां बरतनी होती हैं. हम आज आपको बता रहे हैं ऐसी 5 बातें जो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने समय आपको ध्यान में रखनी चाहिए.

1. वाहन की ड्राइविंग रेंज
सभी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता अलग-अलग रेंज वाले व्हीकल्स मार्केट में ला रहे हैं. एक चार्ज में ये वाहन कितना चलता है इसपर ध्यान देना बहुत आवश्यक होता है. शहरी इलाके में दफ्तर आने-जाने या अन्य किसी काम से वाहन चलाना चाहते हैं तो आपके लिए 100 किमी/चार्ज रेंज तक का स्कूटर या बाइक पर्याप्त होगा. राज्य से बाहर टूर लगा रहता है तो आपको 400-500 किमी प्रति चार्ज वाला ईवी लेना चाहिए.
2. चार्जिंग व्यवस्था
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले जो सबसे पहला सवाल आपके दिमाग में आना चाहिए वो चार्जिंग व्यवस्था है. आपके शहर और उसके दायरे में कितने चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं इसकी जानकारी जरूर लें. इसके अलावा अपने इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग की जानकारी भी ले लें, इसमें वाहन कितनी देर में चार्ज होता है. फास्ट चार्जर और सामान्य घर में इस्तेमाल होने वाला चार्जर कितना समय लेता है.
3. बैटरी पर खर्च
सभी इलेक्ट्रिक वाहनों की जान होता है बैटरी पैक, क्योंकि यही इसे ताकत देती है और इसपर आपको ज्यादा रकम खर्चनी होती है. बतौर इलेक्ट्रिक वाहन इसमें बड़े आकार की बैटरी लगती है जो ज्यादा महंगी होती है. 5-8 साल के भीतर आपको ईवी की बैटरी बदलना होता है जो खर्चे वाला काम है, ऐसे में जरूर देख लें कि वाहन निर्माता बैटरी पर कितने साल की वारंटी दे रहे हैं.
4. सब्सिडी
फिलहाल भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत ज्यादा है, हालांकि आने वाले समय में इनकी कीमतें पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर में आने का दावा किया जा रहा है. लेकिन फिर भी इन्हें खरीदना कुछ सस्ता पड़ता है ईवी पर मिलने वाली सब्सिडी से. कई सारे राज्यों द्वारा ईवी पर सब्सिडी दी जा रही है और केंद्र सरकार ने अलग से ईवी पर सब्सिडी दी है. तो आपको पसंद वाहन सरकारी सब्सिडी के श्रेणी में आता है या नहीं इसकी जांच जरूर करें.
5. मेंटेनेंस
सामान्य वाहनों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों को मेंटेन करना बहुत कम खर्चीला काम है. फिर भी इन्हें खरीदने से पहले कंपनी द्वारा दी जाने वाली सर्विस और आफ्टर सर्विस कितनी लंबी और कितनी अच्छी होगी. कंपनियां समय-समय पर वाहनों के सॉफ्टवेयर भी अपडेट करती हैं तो इसकी भी विस्तार से जानकारी लें.


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