Business बिजनेस : शेयर बाजार में इस समय आईपीओ (IPO) का सीजन चल रहा है और कई कंपनियां पब्लिक इश्यू के जरिए निवेशकों से पूंजी जुटाने में लगी हैं। इसी कड़ी में Jivial Industries का IPO भी 23 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, लेकिन अब तक इसे निवेशकों से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, दूसरे दिन दोपहर तक यह IPO केवल लगभग 33 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हो पाया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि बाजार में इस इश्यू को लेकर निवेशकों की रुचि सीमित बनी हुई है। IPO 25 जून तक खुला रहेगा, यानी निवेशकों के पास अभी भी आवेदन करने का समय है।
कंपनी ने अपने IPO का प्राइस ₹196 प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 1,200 शेयरों का एक लॉट निर्धारित किया गया है, जिसके लिए लगभग ₹2.35 लाख का निवेश करना होगा। इस उच्च न्यूनतम निवेश राशि के कारण छोटे निवेशकों की भागीदारी सीमित होती दिख रही है।
Jivial Industries की स्थापना वर्ष 2021 में हुई थी और कंपनी एल्युमिनियम रेलिंग सिस्टम तथा आर्किटेक्चरल हार्डवेयर के निर्माण के क्षेत्र में काम करती है। इसके उत्पादों का उपयोग रिहायशी, कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में किया जाता है। कंपनी के प्रमुख उत्पादों में हैंडरेल, स्पिगॉट, ब्रैकेट, लॉक, एंड कैप, जॉइन्टर और अन्य एल्युमिनियम फिटिंग्स शामिल हैं। कंपनी गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में अपनी मजबूत उपस्थिति रखती है और ओमान जैसे विदेशी बाजारों में भी निर्यात करती है।
सब्सक्रिप्शन डेटा पर नजर डालें तो रिटेल निवेशकों का हिस्सा केवल 7 प्रतिशत तक ही सब्सक्राइब हुआ है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में 59 प्रतिशत आवेदन दर्ज किए गए हैं। कुल मिलाकर, कंपनी को 15.50 लाख शेयरों के मुकाबले लगभग 5.11 लाख शेयरों के लिए ही बोलियां प्राप्त हुई हैं।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की स्थिति भी इस IPO के लिए कमजोर संकेत दे रही है। वर्तमान में Jivial Industries का GMP शून्य रुपये पर बना हुआ है। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट में इसका शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹196 के आसपास ही ट्रेड कर रहा है। आमतौर पर मजबूत GMP लिस्टिंग गेन का संकेत माना जाता है, लेकिन इस इश्यू में फिलहाल ऐसा कोई उत्साह नहीं देखा जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च लॉट साइज और सीमित ग्रोथ अनुमान के कारण छोटे निवेशक इससे दूरी बना रहे हैं। हालांकि IPO के अंतिम दिन तक सब्सक्रिप्शन में बदलाव संभव है।
कुल मिलाकर, यह IPO फिलहाल सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और निवेशकों की नजर इसके अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और लिस्टिंग पर टिकी हुई है।