बीजिंग : चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सम्मान, निष्पक्षता और आपसी सहयोग पर आधारित रचनात्मक संबंध बनाने को लेकर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता बनाए रखने और संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई है।वांग यी ने चीनी सरकारी मीडिया से बातचीत में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका की राजकीय यात्रा के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिणाम यह रहा कि दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका संबंधों को स्थिर और सहयोगात्मक दिशा में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
सम्मान पर आधारित संबंधों पर जोर
वांग यी ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच भविष्य के संबंधों का आधार आपसी सम्मान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सम्मान का मतलब केवल बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दोनों देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विकास के रास्ते का सम्मान करना भी शामिल है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश को अपनी सामाजिक व्यवस्था और विकास मॉडल चुनने का अधिकार है। इसके अलावा दोनों पक्षों को एक-दूसरे के मुख्य हितों और महत्वपूर्ण चिंताओं का सम्मान करना चाहिए।वांग यी के अनुसार, मजबूत और स्थिर संबंधों के लिए जरूरी है कि दोनों देश एक-दूसरे के दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को समझें।
आपसी सहयोग को बताया जरूरी
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन और अमेरिका दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग का वैश्विक स्तर पर प्रभाव पड़ता है।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग से केवल द्विपक्षीय संबंधों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।वांग यी ने आपसी सहयोग को चीन-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण आधार बताया।
रणनीतिक स्थिरता पर बातचीत
वांग यी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक स्थिरता वाले संबंध बनाने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य मतभेदों को नियंत्रित करते हुए सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ाना है।चीन और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, जिनमें व्यापार, तकनीक, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक नीतियां शामिल हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा का असर
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया। यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की।वांग यी ने कहा कि यात्रा के दौरान हुई बातचीत ने चीन-अमेरिका संबंधों के भविष्य के लिए दिशा तय करने में भूमिका निभाई है।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच संवाद से संबंधों में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।
मुख्य हितों और चिंताओं पर ध्यान
वांग यी ने कहा कि चीन चाहता है कि अमेरिका उसके प्रमुख हितों और चिंताओं को समझे और उनका सम्मान करे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के साथ संबंधों में समानता और पारस्परिक सम्मान जरूरी है।उन्होंने यह भी कहा कि मतभेदों के बावजूद बातचीत और सहयोग के रास्ते खुले रखने चाहिए।
वैश्विक स्तर पर चीन-अमेरिका संबंधों का महत्व
दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के रूप में चीन और अमेरिका के रिश्तों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहती है। दोनों देशों के बीच संबंधों में बदलाव का असर व्यापार, निवेश, सुरक्षा और वैश्विक नीतियों पर पड़ सकता है।वांग यी के बयान से संकेत मिलता है कि चीन की ओर से दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है।हालांकि, चीन और अमेरिका के बीच कई जटिल मुद्दे अभी भी मौजूद हैं। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत और नीतिगत फैसले यह तय करेंगे कि संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।