नई दिल्ली। वर्ल्ड उइघुर कांग्रेस (WUC) ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में उइघुर समुदाय से जुड़े अधिकारों, अंतरराष्ट्रीय समर्थन, जबरन मजदूरी और चीन की सीमाओं के बाहर कथित दमन जैसे मुद्दों का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र, वॉशिंगटन और अंतरराष्ट्रीय नागरिक समाज से जुड़े हालिया घटनाक्रमों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।WUC की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वह वॉशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित बैठक के दौरान उइघुर लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाएं। संगठन ने कहा कि उइघुर समुदाय से जुड़े मानवाधिकार विषय अमेरिका-चीन संबंधों में चर्चा का हिस्सा बने रहने चाहिए।रिपोर्ट में WUC ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने की मांग की। संगठन का कहना है कि उइघुर समुदाय से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक मंचों पर लगातार बातचीत और निगरानी की जरूरत है।WUC ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उइघुर अधिकारों का मुद्दा केवल क्षेत्रीय विषय नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों से जुड़ा मामला है। संगठन ने विभिन्न देशों और संस्थाओं से इस विषय पर ध्यान देने की अपील की है।
अमेरिकी सांसदों की चिंता का जिक्र
WUC की रिपोर्ट में अमेरिकी कांग्रेस के 37 सदस्यों की ओर से उठाई गई चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप से चीन के ‘जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाले कानून’ को लेकर चिंता व्यक्त करने का आग्रह किया था।रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी सांसदों ने इस कानून के उइघुर, तिब्बती और अन्य समुदायों पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। इसके अलावा चीन की सीमाओं के बाहर असंतुष्ट लोगों को निशाना बनाए जाने से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई गई।WUC का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे मामलों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है और प्रभावित समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गतिविधियों का जिक्र
WUC की साप्ताहिक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हुई गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। संगठन ने बताया कि उइघुर अधिकारों से जुड़े मुद्दों को विभिन्न वैश्विक मंचों पर उठाया जा रहा है।रिपोर्ट में जबरन मजदूरी से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया गया। WUC ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आपूर्ति श्रृंखलाओं और श्रमिक अधिकारों को लेकर अधिक निगरानी की मांग की है।
अमेरिका-चीन संबंधों में मानवाधिकार मुद्दा
WUC ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच संबंधों में व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों के साथ-साथ मानवाधिकारों से जुड़े विषयों को भी महत्व दिया जाना चाहिए।संगठन के अनुसार, उइघुर समुदाय के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रखना जरूरी है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को लेकर जागरूकता बनी रहे।
सीमाओं के बाहर दमन का मुद्दा
रिपोर्ट में चीन की सीमाओं के बाहर रहने वाले असंतुष्ट लोगों और समुदायों पर कथित दबाव का भी उल्लेख किया गया है। WUC ने कहा कि ऐसे मामलों पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।संगठन ने दावा किया कि विदेशों में रहने वाले कुछ लोगों को भी दबाव और निगरानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रही हैं।
उइघुर समुदाय को लेकर वैश्विक बहस
उइघुर समुदाय से जुड़े मुद्दे पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय रहे हैं। कई मानवाधिकार संगठनों ने इस समुदाय की स्थिति को लेकर चिंता जताई है, जबकि चीन सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है और अपनी नीतियों को विकास और स्थिरता से जोड़कर बताती है।WUC लंबे समय से उइघुर समुदाय के अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने का प्रयास करता रहा है। संगठन विभिन्न देशों की सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सामने अपनी मांगें रखता रहा है।
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