अंतरिक्ष से वोटिंग! NASA के 3 एस्ट्रोनॉट्स ने रचा अनोखा उदाहरण
तीन अंतरिक्षयात्रियों ने किया मतदान
वॉशिंगटन: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के दौरान एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। जब अमेरिका में करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे थे, उसी समय पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में मौजूद तीन अमेरिकी अंतरिक्षयात्रियों ने भी मतदान किया। भारतीय मूल के NASA अंतरिक्षयात्री अनिल मेनन ने अपने दो सहयोगियों के साथ अंतरिक्ष से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वोट डाला। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बताया कि अंतरिक्ष में रहते हुए मतदान कैसे किया जाता है। 3 नवंबर 2026 को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के लिए किया गया। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद NASA के तीन अंतरिक्षयात्रियों अनिल मेनन, ल्यूक डेलाने और जेसिका वाटकिंस ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
तीनों अंतरिक्षयात्रियों ने इलेक्ट्रॉनिक बैलेट का इस्तेमाल किया और अपने मत सुरक्षित संचार प्रणाली के माध्यम से चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाए। खास बात यह रही कि मतदान के दौरान तीनों अंतरिक्षयात्री पृथ्वी की सतह से सैकड़ों किलोमीटर दूर अंतरिक्ष में मौजूद थे। अनिल मेनन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 29 सेकंड का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के भीतर तैरते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अपनी पोशाक पर मतदान करने का प्रतीकात्मक स्टिकर भी लगाया हुआ था।
वीडियो में मेनन ने अंतरिक्ष स्टेशन के भीतर बनाए गए अपने अस्थायी मतदान स्थान को दिखाया। उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर रहने वाले नागरिकों की तरह अंतरिक्षयात्रियों को भी चुनावों में मतदान करने का अवसर मिलता है। मेनन ने बताया कि तीनों अमेरिकी अंतरिक्षयात्रियों ने इलेक्ट्रॉनिक मतदान पत्र भरा और उसे सुरक्षित तरीके से संबंधित चुनाव अधिकारियों तक भेज दिया। उनका यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई। अंतरिक्ष से मतदान करना सुनने में भले ही असाधारण लगे, लेकिन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने इसके लिए पहले से विशेष व्यवस्था कर रखी है।
दरअसल, लंबे अंतरिक्ष अभियानों के दौरान अंतरिक्षयात्री कई महीनों तक पृथ्वी से दूर रहते हैं। ऐसे में यदि उनके देश में चुनाव होते हैं, तो उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित नहीं रहना पड़े, इसके लिए तकनीकी व्यवस्था बनाई गई है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद पात्र अमेरिकी अंतरिक्षयात्री अपने निवास क्षेत्र के चुनाव अधिकारियों के साथ समन्वय करके इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से मतदान कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया में मतदान पत्र को विशेष संचार प्रणाली के माध्यम से अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाया जाता है। अंतरिक्षयात्री निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना वोट दर्ज करते हैं और फिर उसे सुरक्षित तरीके से पृथ्वी पर भेज देते हैं। अंतरिक्ष से भेजे गए मतदान पत्र का डेटा न्यू मैक्सिको स्थित संचार प्रणाली से होकर ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर पहुंचता है। वहां से इसे संबंधित काउंटी के चुनाव अधिकारी तक भेजा जाता है। मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बैलेट को एन्क्रिप्ट किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान पत्र की जानकारी केवल संबंधित अंतरिक्षयात्री और अधिकृत चुनाव अधिकारी ही देख सकें। इस तरह आधुनिक अंतरिक्ष संचार तकनीक के माध्यम से अंतरिक्षयात्री हजारों किलोमीटर दूर रहते हुए भी अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
भारतीय मूल के अनिल मेनन का अंतरिक्ष से मतदान करना भारतीय पाठकों के लिए भी विशेष दिलचस्पी का विषय है। वह NASA के अंतरिक्षयात्री हैं और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। अनिल मेनन जुलाई 2026 में रूसी सोयुज एमएस-29 अंतरिक्षयान के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। उनका मिशन वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष में मानव जीवन से जुड़ी तकनीकों के अध्ययन पर केंद्रित है। अनिल मेनन के साथ मतदान करने वाले जेसिका वाटकिंस और ल्यूक डेलाने भी NASA के अंतरिक्षयात्री हैं। तीनों ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में भाग लेकर यह दिखाया कि आधुनिक तकनीक के जरिए दूरस्थ परिस्थितियों में भी मतदान संभव है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के चार वर्षीय कार्यकाल के बीच आयोजित किए जाते हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की कुछ सीटों सहित विभिन्न पदों के लिए मतदान होता है।
इन चुनावों का अमेरिकी राजनीति में विशेष महत्व होता है, क्योंकि इनके परिणाम कांग्रेस में राजनीतिक दलों की स्थिति और आने वाले वर्षों में सरकार की नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
इस बार अंतरिक्ष स्टेशन से मतदान करने वाले तीनों अंतरिक्षयात्रियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
हालांकि अंतरिक्ष से मतदान की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अमेरिकी अंतरिक्षयात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके हैं।
NASA की अंतरिक्षयात्री केट रूबिन्स ने भी वर्ष 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अंतरिक्ष स्टेशन से मतदान किया था। इसी तरह अन्य अंतरिक्षयात्रियों ने भी पहले चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली का उपयोग किया है। अंतरिक्ष में मतदान की व्यवस्था तकनीक और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध को दर्शाती है। जहां एक ओर अंतरिक्षयात्री वैज्ञानिक खोजों के लिए पृथ्वी से दूर रहते हैं, वहीं दूसरी ओर आधुनिक संचार तकनीक उन्हें अपने देश की लोकतांत्रिक गतिविधियों से जोड़े रखती है।
अनिल मेनन का साझा किया गया वीडियो इसी व्यवस्था की एक दिलचस्प झलक प्रस्तुत करता है।
करीब 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए मतदान करना अंतरिक्षयात्रियों के लिए एक विशेष अनुभव रहा। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि अंतरिक्ष अभियानों के दौरान केवल वैज्ञानिक अनुसंधान ही नहीं, बल्कि अंतरिक्षयात्रियों के नागरिक अधिकारों का भी ध्यान रखा जाता है। फिलहाल NASA के इन तीन अंतरिक्षयात्रियों का मतदान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अनिल मेनन के वीडियो ने लोगों को यह जानने का अवसर दिया है कि अंतरिक्ष में रहते हुए भी मतदान जैसी महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कैसे हिस्सा लिया जा सकता है।