वाशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिशिगन में एक रिपब्लिकन चुनावी रैली के दौरान डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद पर तीखा हमला किया। इस दौरान उन्होंने अपनी भारतीय-अमेरिकी पत्नी उषा वेंस का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अल-सैयद ने उनकी अंतर-जातीय (interracial) शादी को लेकर नस्लीय टिप्पणी की है और अमेरिकी पहचान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं।
मिशिगन के मुनरो में समर्थकों को संबोधित करते हुए, वेंस ने दावा किया कि अल-सैयद ने ऐसे बयान दिए हैं जिनसे पता चलता है कि गोरे अमेरिकी, अन्य नस्लों के लोगों के साथ सच्चे रिश्ते बनाने में असमर्थ हैं।
उपराष्ट्रपति ने इस बहस में अपने परिवार का भी जिक्र किया। उन्होंने अपने दादा के बारे में बताया, जिन्होंने ओहियो में उनके कठिन बचपन के दौरान उनकी परवरिश में मदद की थी।
वेंस ने कहा, "उन्होंने (अल-सैयद ने) कहा - और आप जाकर इसे देख भी सकते हैं - कि मेरे दादा, जो मेरे लिए सबसे महान व्यक्तियों में से एक थे और जिन्होंने मुझे तब पाला-पोसा जब मेरे माता-पिता संघर्ष कर रहे थे, वे मेरी प्यारी पत्नी - जो हमारी अद्भुत 'सेकंड लेडी' हैं - से प्यार करने में असमर्थ थे। और ऐसा इसलिए, क्योंकि मेरे दादा गोरे थे और मेरी पत्नी नहीं हैं।"
यह आरोप रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स के समर्थन में दिए गए एक बेहद पक्षपाती भाषण के दौरान लगाया गया। रोजर्स 3 नवंबर को होने वाले चुनाव में अल-सैयद के खिलाफ मैदान में हैं।
उपराष्ट्रपति ने अल-सैयद की पारिवारिक पृष्ठभूमि की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि उनके राजनीतिक बयान उनकी अपनी परवरिश से मेल नहीं खाते।
वेंस ने कहा, "अब्दुल ने यह बात तब कही, जबकि उनकी परवरिश का कुछ हिस्सा उनके गोरे सौतेले दादाओं ने भी किया था। अगर वे सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें कह सकते हैं, तो सोचिए कि जब कैमरे नहीं होते होंगे, तब वे आपके बारे में क्या कहते होंगे!"
उनकी ये टिप्पणियां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की राजनीतिक पहचान, देशभक्ति, और नस्ल तथा अमेरिकी इतिहास पर उनके विचारों पर किए गए एक व्यापक हमले का हिस्सा थीं।
वेंस ने अल-सैयद पर आरोप लगाया कि वे अमेरिका को मूल रूप से नस्लवादी (racist) देश के रूप में पेश कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने इन कथित विचारों की तुलना ओहियो के स्टील उद्योग में उनके दादा द्वारा दशकों तक किए गए काम से की।
उन्होंने बार-बार अमेरिकी फैक्ट्री श्रमिकों के योगदान का जिक्र किया और तर्क दिया कि इन्हीं लोगों की मेहनत से देश में औद्योगिक समृद्धि आई और मध्यम वर्ग का निर्माण हुआ।
वेंस ने अल-सैयद द्वारा अपनी पृष्ठभूमि के बारे में दिए गए बयानों को भी चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मिशिगन में जन्मे इस उम्मीदवार ने पहले खुद को उत्तरी अफ्रीका से आया एक प्रवासी बताया था और मिस्र की नागरिकता होने का दावा किया था। उपराष्ट्रपति ने इस चुनाव को अमेरिकी पहचान की अलग-अलग धारणाओं के बीच एक मुकाबले के रूप में पेश किया।
ये टिप्पणियां उन सबसे व्यक्तिगत हमलों में से थीं, जो एक ऐसे भाषण का हिस्सा थे जिसमें मुख्य रूप से आव्रजन, सार्वजनिक सुरक्षा, विदेशी संघर्षों और नवंबर के मध्यावधि चुनावों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
उषा वेंस के माता-पिता भारत से आकर अमेरिका में बस गए थे। जनवरी 2025 में जब जे.डी. वेंस ने उपराष्ट्रपति का पद संभाला, तो उषा वेंस देश की पहली भारतीय-अमेरिकी 'सेकंड लेडी' बनीं।
पेशे से वकील, उषा अक्सर अपने पति के साथ प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं।
जे.डी. वेंस ने सार्वजनिक रूप से ओहियो में अपने कठिन बचपन और उनके पालन-पोषण में उनके दादा-दादी की अहम भूमिका के बारे में बात की है।
उनके पारिवारिक बैकग्राउंड ने उनकी संस्मरण पुस्तक 'हिलबिली एलेजी' (Hillbilly Elegy) के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। इस किताब में उन्होंने एक कामकाजी वर्ग के समुदाय में अपने पालन-पोषण और अपने दादा-दादी के साथ अपने रिश्तों का वर्णन किया है।