अमेरिका ने की गलती, हमले के बाद से पोत में सवार 3 भारतीय लापता
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विश्व की बड़ी खबर। ओमान तट पर फिर एक वाणिज्यिक पोत सेटेबेल्लो पर हमला हुआ। पोत पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया, जबकि तीन लापता हैं। इस मामले में भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया। माना जा रहा है कि ईरान पर चल रही अमेरिकी कार्रवाई के दौरान पोत पर मिसाइल हमला हुआ। तीन दिनों में भारतीय क्रू वाले वाणिज्यिक पोत पर यह दूसरा हमला है। सोमवार को भी एक पोत पर इसी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना ने मिसाइल हमला किया था।
पोत पर सवार 24 भारतीय चालक दल सदस्यों को बचा लिया गया था। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि ओमान नौसेना की मदद से लापता नाविकों की तलाश जारी है। ओमान में हमारा दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के उप मिशन प्रमुख जेसन मीक्स को तलब कर घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। साथ ही लापता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा घटना की पूरी जानकारी देने की मांग की। भारतीय अधिकारी हमले की जिम्मेदारी तय करने के लिए जानकारी जुटा रहे हैं। इस मामले पर अमेरिका की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उधर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपाचे हेलीकॉप्टर गिरने के बाद अमेरिका एवं ईरान में बुधवार को संघर्ष और तेज हो गया। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान पर बम बरसाए। ईरान ने भी जवाब में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इससे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पोतों पर हमले की घटनाएं चिंताजनक हैं, जो वहां चल रहे संघर्ष का नतीजा हैं। हम तनाव कम करने व कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही वार्ता को पूरा करने की मांग दोहराते हैं।