वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत ठिकाने पिकएक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) को लेकर एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि अमेरिका इस ठिकाने पर “बहुत जल्द” हमला कर सकता है। पिकएक्स माउंटेन ईरान के प्रमुख नतांज परमाणु परिसर के पास स्थित है और यहां जमीन के काफी नीचे सुरंगों का विशाल नेटवर्क मौजूद है।

ट्रंप बोले- हर गतिविधि पर हमारी नजर
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर पिकएक्स माउंटेन में परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियां आगे बढ़ती दिखाई देती हैं तो अमेरिकी सेना कार्रवाई कर सकती है। ट्रंप पहले भी इस भूमिगत परिसर को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुके हैं। ट्रंप ने अपनी सरकार की ईरान नीति का बचाव करते हुए दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान का प्रमुख उद्देश्य तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
क्या है पिकएक्स माउंटेन?
पिकएक्स माउंटेन को स्थानीय रूप से कुह-ए कोलांग गज ला के नाम से भी जाना जाता है। यह ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दक्षिण और नतांज परमाणु परिसर से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पहाड़ के भीतर गहराई में दो प्रमुख टनल कॉम्प्लेक्स बनाए गए हैं। इस परिसर का निर्माण 2020 के आसपास शुरू हुआ था। उस समय नतांज में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद ईरान ने पहाड़ के भीतर अधिक सुरक्षित सुविधा बनाने की बात कही थी। ईरानी अधिकारियों ने इसे उन्नत सेंट्रीफ्यूज से संबंधित गतिविधियों के लिए विकसित करने की जानकारी दी थी।
100 मीटर तक गहरी हो सकती हैं सुरंगें
उपग्रह तस्वीरों का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक पिकएक्स माउंटेन का भूमिगत हिस्सा कम से कम 100 मीटर गहरा हो सकता है। परिसर में कई प्रवेश द्वार हैं और उन्हें सैन्य हमलों से बचाने के लिए मजबूत किया गया है। इसकी गहराई ही इसे अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी गहराई में मौजूद परिसर को सामान्य हवाई हमले से पूरी तरह नष्ट करना मुश्किल हो सकता है।
परमाणु गतिविधि को लेकर क्या है संदेह?
पिकएक्स माउंटेन को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान वहां वास्तव में क्या कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA को अभी इस परिसर तक पहुंच नहीं मिली है, इसलिए वहां चल रही गतिविधियों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका और इजरायल को संदेह है कि ईरान इस परिसर का इस्तेमाल अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी संवेदनशील गतिविधियों के लिए कर सकता है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान वहां सेंट्रीफ्यूज स्थानांतरित कर सकता है। हालांकि इस बारे में सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप पहले भी दे चुके हैं चेतावनी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने पिकएक्स माउंटेन को निशाना बनाने की बात कही है। जुलाई में भी उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस इलाके पर हमला कर सकता है। उस समय ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन परिसर पर करीब से नजर रख रहा है। अब सितंबर में दोबारा इसी ठिकाने का नाम लेकर चेतावनी देना बताता है कि अमेरिकी प्रशासन के लिए पिकएक्स माउंटेन अभी भी महत्वपूर्ण रणनीतिक लक्ष्य बना हुआ है।
नतांज के बेहद करीब है ठिकाना
पिकएक्स माउंटेन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह नतांज परमाणु परिसर के बेहद करीब है। नतांज ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा है और पहले अमेरिकी तथा इजरायली सैन्य कार्रवाइयों में इसे निशाना बनाया जा चुका है। इसके विपरीत पिकएक्स माउंटेन का भूमिगत परिसर अब तक बड़े प्रत्यक्ष हमले से बचा रहा है। पहाड़ के नीचे इसकी स्थिति इसे ईरान के दूसरे परमाणु ठिकानों की तुलना में अधिक सुरक्षित बनाती है।
बढ़ सकता है अमेरिका-ईरान तनाव
ट्रंप की नई चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव पहले से काफी बढ़ा हुआ है। पिकएक्स माउंटेन पर अमेरिकी हमला हुआ तो संघर्ष के और गंभीर होने का खतरा रहेगा। ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि उसके परमाणु या अन्य संवेदनशील ठिकानों पर अमेरिकी हमला होने की स्थिति में क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया जा सकता है। फिलहाल ट्रंप ने हमले की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। उनका ताजा बयान संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी है, न कि यह पुष्टि कि हमला शुरू हो चुका है। अब पूरी दुनिया की निगाह इस बात पर है कि अमेरिका केवल दबाव बनाने के लिए यह चेतावनी दे रहा है या आने वाले दिनों में पिकएक्स माउंटेन वास्तव में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का अगला निशाना बनेगा।
Tags: