जनता से रिश्ता वेबडेस्क| अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव के दौरान कई बार व्‍हाइट हाउस का कई जिक्र आया। अखबारों में भी व्‍हाइट हाउस सुर्खियों में रहा। इस दौरान कई बार खबरों के शीर्षक में 'व्‍हाइट हाउस की रेस' का जिक्र हुआ। दरअसल, व्‍हाइट हाउस एक इमारत का नाम है। यह अमेरिकी राष्‍ट्रपति का निवास स्‍थल है। इसके अलावा यह इमारत अमेरिका की ऐतिहासिक विरासत है। यह अमेरिकी शक्ति का सर्वोच्‍च केंद्र है। यह सत्‍ता का निवास स्‍थल है। इमारत में हर वह सुविधा मौजूद है, जो अमेरिका का एक सुपर पावर बनाता है। व्‍हाइट हाउस परिसर में एक बंकर भी है, जो किसी मुसीबत के वक्‍त अमेरिकी राष्‍ट्रपति और उसके परिवार की ह‍िफाजत करता है। आइए हम आपको व्‍हाइट हाउस की कुछ महत्‍वपूर्ण खूबियों के बारे में बताते हैं। आखिर कैसे इसका नाम व्‍हाइट हाउस पड़ा ?

प्रेसीडेंट्स पैलेस से व्‍हाइट हाउस तक

अमेरिकी राष्‍ट्रपति जिस भवन में रहते हैं, उसे व्‍हाइट हाउस कहा जाता है। व्‍हाइट हाउस वाशिंगटन डीसी के पेंसिलवेनिया एवेन्‍यू पर स्थित है। चूंकि यह इमारत पूरी तरह से व्‍हाइट रंग की है, इसलिए इसका नाम व्‍हाइट हाउस रख दिया गया। बाद में यह नाम रूढ़ हो गया, लेकिन राष्‍ट्रपति भवन के निर्माण के समय इसका नाम प्रेसीडेंट्स पैलेस था। दरअसल, प्रेसिडेंट्स पैलेस कब और कैसे व्‍हाइट हाउस में तब्‍दील हो गया, इसकी एक दिलचस्‍प कहानी है। 1812 में ब्रिटेन और अमेरिका के बीच हुई जंग के दौरान ब्रिटिश सेना ने वाशिंगटन डीसी को निशाना बनाया था। इस युद्ध में ब्रिटिश सेना ने वाशिंगटन डीसी में आग लगा दी। इस आग की आंच इस इमारत तक पहुंची। अ‍ाग की लपटों ने इमारत की दीवारों को नुकसान पहुंचाया। व्‍हाइट हाउस के विध्‍वंस के फौरन बाद तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति जेम्‍स मरोन ने इसके पुनिर्माण का आदेश दिया। इसके बाद से यह अमेरिकी राष्ट्रपतियों का स्थाई निवास बना। इसे फ‍िर से आकर्षक बनाया गया। तब से इसे व्‍हाइट हाउस के नाम से पुकारा जाने लगा।

इमारत की बड़ी खूबियां

1- व्‍हाइट हाउस सामान्‍य इमारत नहीं है, इसके निर्माण में आठ वर्ष लगे थे। इस इमारत की डिजाइन आयरलैंड में तैयार हुआ है। जेम्‍स होबन ने इसकी रूपरेखा तैयार की थी। इसका निर्माण वर्ष 1792 से 1800 के बीच संपन्‍न हुआ। इमारत में सफेद बलुआ पत्थर का इस्‍तेमाल किया गया है। यह जॉर्जियन शैली में निर्मित है।

2-अमेरिका की आजादी के दौरान व्‍हाइट हाउस की जगह पूरा विरान था। यहां हरे भरे जंगलों का साम्रज्‍य था। आजादी के करीब 20 वर्ष बाद वाशिंगटन शहर में चुनिंदा लोगों का निवास था। 1789 में अमेरिकी कांग्रेस ने इसे नई राजधानी बनाने का फैसला लिया था। यह इमारत 200 वर्षों से ज्‍यादा प्राचीन है, लेकिन के नक्‍शे में मौटे तौर पर कोई बदलाव नहीं आया है। व्‍हाइट हाउस का नक्‍शा आज भी वही है। इमारत में कुल 132 कमरे हैं। इसके अलावा 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट शामिल है।

3- व्‍हाइट हाउस के पूरब की तरफ मनोरंजन गृह है। राष्‍ट्रपति खाली पलों में यहां समय व्‍यतीत करते हैं। इमारत के दक्षिण की ओर तीन पार्लर (ग्रीन, ब्‍लू और रेड) है। इन्‍हीं पार्लरों में राष्‍ट्रपति का ओवल दफ्तर है। भवन के अंदर राष्‍ट्रपति का यह मुख्‍य कार्यालय है। इसके पश्चिम की तरफ राजकीय डाइनिंग हॉल है। इस स्‍थान पर राष्‍ट्रपति अन्‍य देशों से आए राष्‍ट्राध्‍यक्षों एवं अतिथियों के साथ भोजन करते हैं। उत्‍तर दिशा की ओर बनी इमारतों में राष्‍ट्रपति का पर‍िवार रहता है। यह इलाका पूरी तरह से राष्‍ट्रपति का निजी क्षेत्र है।

4- व्‍हाइट हाउस में राष्‍ट्रपति और प्रथम महिला को अपनी सुविधाओं के लिए भुगतान करना होता है। जैसे भोजन, प्रसाधन, ड्राई क्‍लीलिंग सह‍ित अन्‍य सभी चीजों के लिए उसे चार्ज देना होता है। व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं। भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन करने की व्यवस्था है।

5- राष्ट्रपति भवन छह मंजिला है। इसमें दो बेसमेंट। दो पब्लिक फ्लोर हैं। बाकी के फ्लोर अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास है। इसके रखरखाव में भारी रकम खर्च होती है। इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि 1994 में राष्‍ट्रपति भवन के बाहरी दीवारों की रंगाई में 2,83,000 अमेरिकी डॉलर यानी 72 लाख रुपये खर्च हुए थे।

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