पेशावर। पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों और पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी (JI) ने अपने राष्ट्रव्यापी विरोध अभियान का तीसरा चरण शुरू कर दिया है। इसके तहत खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में धरना-प्रदर्शन, रैलियां और जनसभाएं आयोजित की गईं। पार्टी ने सरकार पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए पेट्रोलियम लेवी वापस लेने की मांग की है।पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के प्रमुख इंजीनियर हाफिज नईम-उर-रहमान के आह्वान पर शुक्रवार को पेशावर, मरदान, नौशेरा, स्वाबी, चारसद्दा और खैबर सहित कई क्षेत्रों में प्रदर्शन किए गए। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार पेट्रोलियम लेवी खत्म नहीं करती और महंगाई से परेशान लोगों को राहत नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पेशावर से मरदान तक सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
पेशावर में जमात-ए-इस्लामी के जिला अमीर बहरुल्लाह खान एडवोकेट के नेतृत्व में हश्तनागरी चौक पर धरना आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई।वहीं, मरदान में प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। इसका नेतृत्व जमात-ए-इस्लामी खैबर पख्तूनख्वा के केंद्रीय अमीर अब्दुल वसी और जिला अमीर गुलाम रसूल ने किया। नेताओं ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम नागरिकों की आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं।
कई जिलों में रैलियां और धरना-प्रदर्शन
नौशेरा के शोबरा चौक पर प्रांतीय उपाध्यक्ष खालिद वकास और जिला अमीर हाजी इनायतुर रहमान के नेतृत्व में धरना दिया गया। स्वाबी के अमन चौक पर जिला अमीर मुफ्ती मुराद अहमद, सईदजादा यूसुफजई और वाजिद अली शाह एडवोकेट के नेतृत्व में विरोध रैली आयोजित की गई।खैबर में प्रांतीय उपाध्यक्ष मियां सोहैबुद्दीन काकाखेल और जिला अमीर शाह फैसल अफरीदी ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इसके अलावा चारसद्दा के फारूक आजम चौक पर जिला अमीर शाह हुसैन एडवोकेट के नेतृत्व में जनसभा आयोजित की गई।
महंगाई और बिजली कटौती को लेकर सरकार पर निशाना
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जमात-ए-इस्लामी नेताओं ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है।पार्टी नेताओं ने दावा किया कि बढ़ती महंगाई के साथ बिजली और गैस की लंबी कटौती ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई और सरकार से जनसमस्याओं के समाधान की मांग की।नेताओं ने आरोप लगाया कि खैबर पख्तूनख्वा में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अवैध अतिक्रमण में सहयोग करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
इस्लामाबाद मार्च की भी चेतावनी
जमात-ए-इस्लामी ने संकेत दिया है कि मांगें नहीं माने जाने पर विरोध अभियान और व्यापक किया जा सकता है। कराची में पार्टी नेता मुनीम जफर खान ने चेतावनी दी कि सरकार ने पर्याप्त राहत नहीं दी तो मुल्तान से इस्लामाबाद की ओर मार्च दोबारा शुरू किया जा सकता है।उन्होंने दावा किया कि देशभर में 150 से अधिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। पार्टी ने कराची में 24 से 31 अक्टूबर तक जनसंपर्क और हस्ताक्षर अभियान चलाने की भी घोषणा की है।
सरकार के सामने बढ़ती चुनौती
पेट्रोलियम लेवी को लेकर जमात-ए-इस्लामी और पाकिस्तान सरकार के बीच बातचीत की पहल भी हुई है। हालांकि पार्टी का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं और जनता को वास्तविक आर्थिक राहत मिलनी चाहिए।फिलहाल पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोलियम लेवी समाप्त करने और महंगाई से राहत दिलाने की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार के फैसले और वार्ता के परिणाम पर सभी की निगाहें रहेंगी।
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