युद्ध से बचने की कोशिश अपने आप में खतरनाक होती है. खबर है कि यूक्रेन (Ukraine) की शरणार्थी महिलाओं और लड़कियों के साथ उन जगहों पर रेप किया जा रहा है जहां वो सुरक्षा की उम्मीद में पहुंची हैं. 24 फरवरी, 2022 को रूस (Russia) के हमले के बाद से यूक्रेन छोड़ने वाले 36 लाख यूक्रेनी लोगों में लगभग सभी महिलाएं और बच्चे हैं. 18 से 60 साल की उम्र के पुरुषों और लड़कों को रूसी सेना के खिलाफ देश की रक्षा के लिए यूक्रेन में रहना जरूरी है.

इन देशों में शरण ले रहीं यूक्रेन की महिलाएं
रूसी हमलों (Russian Attack) से बचने के लिए ये महिलाएं और बच्चे मुख्य रूप से पोलैंड और अन्य यूरोपीय देशों कर रूख कर रहे हैं, जहां वीजा बंदिशों में नरमी है. मानवीय संगठनों ने यूक्रेनी शरणार्थियों को भोजन और आश्रय जैसी जरूरतें देने के लिए कई कार्यक्रम चलाए हैं. दुनियाभर में लोग अपने घरों में इन लोगों को रहने की जगह दे रहे हैं.
शरणार्थियों की मदद को आगे आ रहे लोग
जर्मनी में एक न्यूरोसाइंटिस्ट ने 24 मार्च, 2022 को ट्विटर पर लिखा कि एक सुबह उसे एक फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने उसे याद दिलाया कि उसने स्वेच्छा से शरणार्थियों की मेजबानी की पेशकश की है. अब, दो बच्चों वाली एक मां और एक बिल्ली को मदद की जरूरत थी. फोन करने वाले का सवाल था 'क्या आप उन्हें अपने घर में रख सकती हैं?
शरणार्थियों की मदद के लिए की गई ये घोषणा
न्यूरोसाइंटिस्ट ने कहा, 'ठीक है, कब?' जवाब आया 'अभी.' और 15 मिनट बाद, वे एक स्वयंसेवक के साथ उनके दरवाजे पर थे.' यूनाइटेड किंगडम ने एक नई नीति की घोषणा की कि वो यूक्रेनियन को बिना फीस अपने घर में रखने वाले स्थानीय लोगों को प्रति महीने लगभग 455 डॉलर का अनुदान देगा. लेकिन ये कोशिशें, चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हों, यूक्रेनी महिलाओं और लड़कियों के लिए यौन हिंसा और तस्करी के नए जोखिम लेकर आती हैं.
यौन हिंसा करने वाले ऐसे लोगों को रोकना है मुश्किल
हालांकि मदद की पेशकश करने वाले अधिकांश सामान्य लोग नेक इरादे वाले होते हैं, लेकिन मौके का फायदा उठाकर किसी को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने का एक मामला भी अपने आप में बहुत है. रिसर्च में पता चला कि मानवीय सहायता कर्मियों तक को भी नागरिकों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने से रोकना मुश्किल है. यौन हिंसा को रोकना और उसका जवाब देना और भी चुनौती भरा है जब ये उन लोगों की तरफ से किया जाता है जो किसी मदद करने वाली एजेंसी या शरणार्थियों की मदद करने वाले एनजीओ के लिए काम नहीं करते हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन से भागने वाले बच्चों, विशेष रूप से परिवार से अलग हुए बच्चों को यौन शोषण या काम कराने के लिए तस्करी के उच्च जोखिम का सामना करना पड़ रहा है. अब तक, कम से कम 500 यूक्रेनी बच्चे 24 फरवरी से 14 मार्च के बीच अपने आप यूक्रेन से सीमा पार करके रोमानिया पहुंच चुके हैं. अभी और के आने की संभावना है.
यूक्रेनी किशोर लड़कियां आसरे के लिए जिन देशों में पहुंच रही हैं, उन देशों में नागरिकों की तरफ से उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने की भी खबरें हैं. पोलैंड में, एक शख्स को मार्च के मध्य में एक 19 साल की यूक्रेनी शरणार्थी के साथ रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पोलैंड की पुलिस ने कथित तौर पर एक बयान में कहा, 'वो युद्धग्रस्त यूक्रेन से भागकर आई थी और पोलिश भाषा नहीं बोल पा रही थी. उसने एक ऐसे शख्स पर भरोसा किया जिसने उसकी मदद करने और उसे आश्रय देने का वादा किया था. दुर्भाग्य से, ये सब उसकी चाल थी'.
मार्च में जर्मनी में, दो लोगों ने कथित तौर पर एक यूक्रेनी किशोरी के साथ मारपीट की, जो एक होटल की बोट में रह रही थी. जर्मन सरकार ने घोषणा की थी कि जो लोग यहां आश्रय चाहते हैं, वो रह सकते हैं. एक महिला प्रवासी या शरणार्थी के रूप में हिंसा का अनुभव करना असामान्य नहीं है
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