वर्ल्ड | ब्रिटेन ने रूस के प्रभाव को रोकने के लिए नया कड़ा कानून लागू किया है। इस कानून के तहत, जो भी व्यक्ति या संगठन रूसी अधिकारियों या कंपनियों के साथ काम करेगा, उसे सरकार के पास पंजीकरण कराना होगा। जो लोग इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें पांच साल तक की जेल हो सकती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ब्रिटेन और रूस के बीच संबंध लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ब्रिटेन को शक है कि रूस उसकी आंतरिक राजनीति और संस्थानों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। इसलिए, रूसी प्रभाव को सीमित करने और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह नया नियम लागू किया गया है।
कोई भी व्यक्ति या कंपनी जो रूसी अधिकारियों, संस्थानों या एजेंसियों के साथ काम कर रही है, उसे पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
अगर कोई व्यक्ति सरकार को बिना बताए रूस से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होता है, तो उसे अपराधी माना जाएगा।
नियम तोड़ने वालों को पांच साल तक की सजा या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
ब्रिटेन ने क्यों अपनाया अमेरिका जैसा कानून?
यह कानून अमेरिका के "फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA)" की तरह काम करेगा, जिसमें विदेशी सरकारों से जुड़े लोगों को पंजीकरण कराना पड़ता है। ब्रिटेन चाहता है कि रूस या अन्य बाहरी ताकतें उसकी राजनीति और नीतियों को प्रभावित न कर सकें।
रूस की क्या प्रतिक्रिया?
रूस ने इस कानून की आलोचना की है और इसे "भेदभावपूर्ण और राजनीतिक एजेंडा से प्रेरित" बताया है। रूस का कहना है कि यह कदम ब्रिटेन में रूस समर्थक लोगों को निशाना बनाने के लिए उठाया गया है।
इसका असर क्या होगा?
रूस के साथ व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है।
ब्रिटेन में रूसी अधिकारियों और कंपनियों से जुड़े लोगों की सख्त जांच होगी।
पश्चिमी देशों में रूस के खिलाफ और सख्त नीतियां बन सकती हैं।
ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। आने वाले समय में यह कानून कितना असरदार साबित होता है, यह देखने वाली बात होगी।