भारत-अमेरिका व्यापार पर ट्रंप का बयान, टैरिफ को लेकर फिर उठाए सवाल

Update: 2026-06-05 05:23 GMT

USA अमेरिका ; अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और टैरिफ नीति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन अब भारत के साथ व्यापार से “बहुत पैसा कमा रहा है” और यह स्थिति पहले के मुकाबले काफी बदल चुकी है। ट्रंप ने दावा किया कि पहले भारत अमेरिका पर भारी टैरिफ लगाकर फायदा उठाता था, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता था।

ट्रंप ने अपने बयान में उदाहरण के तौर पर अमेरिकी मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी हार्ले-डेविडसन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उच्च टैरिफ के कारण इस प्रतिष्ठित अमेरिकी ब्रांड के लिए भारत में अपनी मोटरसाइकिलें बेचना बेहद मुश्किल हो गया था। उनके अनुसार, भारत में उस समय लगभग 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाता था, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाता था।

ट्रंप ने कहा कि टैरिफ की इसी स्थिति के चलते हार्ले-डेविडसन को भारत में कारोबार करने में बाधा आई और अंततः कंपनी को वहां उत्पादन इकाइयां स्थापित करनी पड़ीं। उन्होंने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि यह स्थिति उनके राष्ट्रपति बनने से पहले की नीतियों के कारण बनी थी।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान को एक बार फिर वैश्विक व्यापार और टैरिफ नीतियों पर बहस से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि अमेरिका के व्यापारिक साझेदार देशों ने अमेरिकी उत्पादों पर अधिक शुल्क लगाकर अनुचित लाभ लिया है।

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापारिक संबंधों में सुधार देखने को मिला है, हालांकि टैरिफ और बाजार पहुंच जैसे मुद्दे अब भी चर्चा में बने रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान दोनों देशों के बीच व्यापारिक नीतियों पर राजनीतिक बहस को फिर से सक्रिय कर सकते हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि वर्तमान में अमेरिका की व्यापार स्थिति बेहतर हुई है और कई देशों के साथ नए समझौते किए गए हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को फायदा मिल रहा है।

इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार हलकों में चर्चा तेज हो गई है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में टैरिफ और व्यापार प्रतिबंधों को लेकर कई देश अपनी नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं।

हालांकि भारत सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत होती देखी जा रही है।

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