Trump ने ईरान के साथ 2 हफ़्ते का सीज़फ़ायर घोषित किया

Update: 2026-04-08 04:28 GMT

US अमेरिका : US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अगले दो हफ़्तों के लिए ईरान के साथ सीज़फ़ायर की घोषणा की है। यह घोषणा पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद की गई है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था, जिसके तुरंत बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। पिछले एक महीने से दुनिया के कई देशों ने दोनों पक्षों से जंग रोकने की अपील की थी, लेकिन संघर्ष जारी था।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पेज पर बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर उन्होंने दो हफ़्तों के लिए ईरान पर हमला रोकने का निर्णय लिया है। इस समझौते में ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए सहमत हुआ है। दोनों तरफ़ से लागू होने वाला यह सीज़फ़ायर मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछली असहमतियों के कई पहलुओं पर काफी हद तक सहमति बन गई है। इस दो हफ़्ते के दौरान दोनों पक्ष स्थायी समझौते को अंतिम रूप देंगे। उन्होंने कहा, "अमेरिका के प्रेसिडेंट और मध्य-पूर्व के प्रतिनिधि के तौर पर, मुझे इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के करीब पहुंचने पर गर्व है।"

इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोला गया और सीज़फ़ायर नहीं किया गया, तो अमेरिका बुधवार सुबह ईरान पर हमला करेगा। ट्रंप की इस चेतावनी ने वैश्विक स्तर पर चिंता और हलचल पैदा कर दी थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह अचानक सीज़फ़ायर मध्य-पूर्व की राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी और इससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ रही थीं। अब सीज़फ़ायर के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने से तेल की आपूर्ति सामान्य होगी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आएगी।

इसके अलावा, दो हफ़्ते का यह अंतरिम समझौता स्थायी शांति वार्ता की तैयारी के लिए भी एक अवसर है। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 10-पॉइंट समझौते पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान दोनों पक्षों की प्रतिनिधि टीमों के बीच बातचीत जारी रहेगी।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अस्थायी सीज़फ़ायर है, लेकिन यह मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में पहला बड़ा कदम है। विश्व समुदाय ने इस कदम का स्वागत किया है और माना जा रहा है कि यह क्षेत्रीय तनाव कम करने में मदद करेगा।

इस बीच, पाकिस्तान की मध्यस्थता को भी काफी अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच बातचीत में पाकिस्तान ने संतुलित भूमिका निभाई और दोनों पक्षों के लिए समझौते का मार्ग आसान किया।

कुल मिलाकर, ट्रंप की घोषणा से वैश्विक राजनीति और तेल बाजार में राहत की स्थिति बन गई है। आगामी दो हफ़्तों में स्थायी शांति समझौते की रूपरेखा तैयार होने की संभावना है।

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