वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें ‘हीरो’ बताया है। ट्रंप ने कहा कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर चाकू से हमला किए जाने के बावजूद स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और मदद के लिए आवाज लगाकर विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने यह जानकारी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई बातचीत के आधार पर साझा की।
घटना फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुई। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक हिंसक संघर्ष शुरू हो गया। आरोप है कि सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। इस दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विमान हजारों फीट नीचे आया, लेकिन बाद में हालात को नियंत्रित कर लिया गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने और मदद मांगने में सफलता हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद कुछ यात्री और अन्य लोग कॉकपिट तक पहुंचे और कथित हमलावर सह-पायलट को काबू किया। इसी दौरान चालक दल और अन्य प्रशिक्षित लोगों ने विमान की स्थिति को संभालने में मदद की।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने स्मित मच्छार को बहादुर बताते हुए कहा कि घायल होने के बाद भी उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी। ट्रंप के अनुसार, पायलट द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलना और मदद के लिए पुकारना विमान में मौजूद लोगों को कार्रवाई करने का मौका देने में अहम साबित हुआ।
ट्रंप ने यह भी बताया कि विमान में मौजूद एक यात्री ने भी स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मुताबिक यह यात्री पेशे से प्लंबर था और उसके पास विमान उड़ाने का अनुभव नहीं था, लेकिन उसने संकट के दौरान कॉकपिट में पहुंचकर मदद की। बाद में अन्य लोगों और चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना के बाद विमान को इजरायल ले जाने के बजाय सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने ताबुक में आपात लैंडिंग की। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक विमान में 174 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के दौरान अचानक विमान के तेजी से नीचे आने से हालात बेहद गंभीर हो गए थे। इसके बावजूद सामूहिक प्रयासों के कारण बड़ी दुर्घटना टल गई। भारतीय पायलट की भूमिका की इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सराहना की है। उन्होंने स्मित मच्छार को ‘सच्चा हीरो’ बताते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने सबसे पहले विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनकी ओर से कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद ही दूसरे लोगों को अंदर पहुंचकर हमलावर को रोकने का मौका मिला।
घटना में विमान को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। विमान के तेजी से नीचे जाने के दौरान उसके नियंत्रण और रडर से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। इसके बावजूद चालक दल और मदद के लिए आगे आए लोगों ने विमान को सुरक्षित लैंडिंग तक पहुंचाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सह-पायलट के मकसद को लेकर भी टिप्पणी की, लेकिन इस संबंध में आधिकारिक जांच जारी है और हमले के पीछे की वजह स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए सह-पायलट के इरादों को लेकर विभिन्न सार्वजनिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
सऊदी अरब में आपात लैंडिंग के बाद संबंधित अधिकारियों ने कथित हमलावर को हिरासत में ले लिया। वहीं स्मित मच्छार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय अधिकारी भी उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इस घटना ने विमान सुरक्षा से जुड़े कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना ने दिखाया कि उड़ान के दौरान अचानक पैदा होने वाली आपात स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है। अब संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सह-पायलट ने हमला क्यों किया और सुरक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की चूक हुई थी या नहीं।
कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भारत, अमेरिका और इजरायल में उनकी तारीफ हो रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा था कि गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया।
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उन्हें ‘हीरो’ बताए जाने के बाद उनकी बहादुरी की चर्चा और तेज हो गई है। जिस तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने मदद के लिए रास्ता बनाया और विमान को बड़ी दुर्घटना से बचाने में भूमिका निभाई, वह इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बनकर सामने आया है।