नेपाल : भीषण जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और मलबे के सैलाब ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस भयावह आपदा के बीच उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले कुलदीप सिंह उर्फ रोशन सिंह ने उस खौफनाक मंजर को याद किया है, जिसे उन्होंने अपनी आंखों से देखा। कुलदीप ने फोन पर अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कैसे कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका तबाही के मैदान में बदल गया और उन्होंने अपने 9 साथियों को हमेशा के लिए खो दिया।

कुलदीप सिंह ने बताया कि हादसे के वक्त वह करीब 800 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ के एक सुरक्षित स्थान पर खड़े थे। अचानक तेज आवाज सुनाई दी। शुरुआत में उन्हें कुछ समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही पल बाद उन्होंने देखा कि पहाड़ से पानी का विशाल सैलाब तेजी से नीचे की ओर बढ़ रहा है। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी बहकर आ रहा था।

उन्होंने बताया कि देखते ही देखते वहां मौजूद बड़ी-बड़ी इमारतें पानी और मलबे में समाने लगीं। जिस इलाके में कुछ देर पहले तक लोगों की आवाजाही थी, वहां कुछ ही मिनटों में तबाही का मंजर दिखाई देने लगा। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

कुलदीप ने बताया कि वहां मौजूद मजदूरों ने जैसे ही पानी का रौद्र रूप देखा, वे जान बचाने के लिए पहाड़ियों की ओर दौड़ने लगे। हर कोई सुरक्षित जगह तलाश रहा था। किसी को अपने सामान की चिंता नहीं थी, सभी के सामने सिर्फ अपनी जिंदगी बचाने की चुनौती थी। अचानक आई इस आपदा ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि अपनी आंखों के सामने इतनी बड़ी तबाही देखकर वह सदमे में आ गए। भयावह दृश्य को देखकर वह वहीं गश खाकर गिर पड़े। कुछ समय तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि उनके आसपास क्या हो रहा है। जब उन्हें होश आया तो चारों तरफ तबाही और लोगों की मदद की पुकार सुनाई दे रही थी।

कुलदीप सिंह ने बताया कि इस हादसे में उन्होंने अपने 9 साथियों को खो दिया। जिन लोगों के साथ वह काम कर रहे थे, वे अचानक आए पानी और मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद अपने साथियों की तलाश और उनकी यादों ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है।

उन्होंने बताया कि नेपाल में काम करने वाले कई भारतीय मजदूर भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई परिवार अपने लोगों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। आपदा के बाद राहत और बचाव टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश, बादल फटना और जल स्रोतों में अचानक बढ़ोतरी जैसी घटनाएं बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं।

कुलदीप सिंह की आपबीती उन लोगों की पीड़ा को सामने लाती है, जिन्होंने इस आपदा को अपनी आंखों से देखा और अपनों को खोया। उनके शब्दों से उस भयावह स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है, जब कुछ ही मिनटों में एक पूरा इलाका तबाही की चपेट में आ गया।

बस्ती जिले में कुलदीप के परिवार और परिचितों में भी चिंता का माहौल है। लोग लगातार उनकी कुशलता की जानकारी ले रहे हैं। परिवार के लिए सबसे मुश्किल समय वह है, जब कुलदीप तो सुरक्षित लौट आए, लेकिन उनके साथ गए 9 साथी इस दुनिया में नहीं रहे।

नेपाल की इस जलप्रलय ने कई जिंदगियों को बदल दिया है। किसी ने अपना घर खोया तो किसी ने परिवार के सदस्य। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन आपदा की भयावह तस्वीरें अब भी लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं।

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