अमेरिका का एक अपराधी शख्स सजा से बचने के लिए अपनी मौत का नाटक कर फरार चल रहा था, लेकिन अब वह कोविड-19 से पीड़ित हुआ तो उसे स्कॉटलैंड के एक हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा. इसके बाद उसकी पहचान उजागर हो गई और उसे पकड़ लिया गया. यूटा काउंटी (Utah County) अटॉर्नी के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि निकोलस रॉसी (Nicholas Rossi) जिसे निकोलस अलहवर्डियन (Nicholas Alahverdian) के नाम से भी जाना जाता है, उसे साल 2008 में यूटा में यौन उत्पीड़न और 2018 में ओहियो में एक और हमले के आरोपों के संबंध में पुलिस द्वारा ढूंढा जा रहा था लेकिन वो तबसे फरार है.

कोरोना को वजह से खुल गई पोल
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार 29 फरवरी साल 2020 में उसकी मृत्यु की घोषणा कर दी गई थी. लेकिन अब यह बात सामने आई है कि वो फरार होने के बाद आर्थर नाइट (Arthur Knight) के नाम से ग्लासगो में रह रहा था और हाल ही में उसे कोरोना वायरस से पीड़ित अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
वापस अमेरिका भेजने की तैयारी
यूटा काउंटी अटॉर्नी कार्यालय के एक बयान में कहा गया है, 'रॉसी के स्कॉटलैंड में एक काल्पनिक नाम से रहने के बारे में पता चला था, अब उसे हिरासत में ले लिया गया है और यूटा काउंटी अटॉर्नी कार्यालय रॉसी को वापस यूटा में प्रत्यर्पित (Extradited) करने के लिए संघीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ काम कर रहा है.'
खुद के मरने का दिलाया विश्वास
अभियोजकों (Prosecutors) का कहना है कि रॉसी जांच और सजा आदि से बचने के लिए अमेरिका से भाग गया था और 'अन्य राज्यों में जांचकर्ताओं और राज्य के विधायकों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि वह मर चुका है.'
रॉसी के वकील को भी नहीं हुआ विश्वास
रॉसी के वकील जेफरी पाइन ने कहा कि वह अपने पूर्व मुवक्किल की मृत्यु की घोषणा से पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे. उन्होंने कहा, 'मैं आपसे झूठ नहीं बोल रहा हूं, उन्होंने कहा रॉसी की मौत मुझे भी संदेहास्पद लगी थी, लेकिन फिर मैंने उनकी पत्नी की बात मान ली. मैं यह कहकर किसी का अपमान नहीं करना चाहता कि वो मरा नहीं हैं. इसलिए मैंने इसे अंकित मूल्य पर स्वीकार कर लिया.'


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