Gulf countries, में बढ़ा तनाव, ईरानी हमले के बाद कतर ने बढ़ाई सुरक्षा

Update: 2026-07-12 11:35 GMT

couplet दोहा :   अमेरिका की ओर से किए गए बड़े सैन्य हमलों के जवाब में ईरान ने रविवार को खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। ईरानी हमलों के बाद जॉर्डन, कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। खाड़ी देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

कतर के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरानी हमलों के दौरान इंटरसेप्शन अभियान के बाद गिरे मलबे की चपेट में आने से तीन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी बयान में बताया कि सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक सुरक्षा टीमों ने पहले से तैयार आपातकालीन योजनाओं के अनुसार तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी।

कतर के गृह मंत्रालय के अनुसार, हवाई हमलों को रोकने के लिए किए गए इंटरसेप्शन ऑपरेशन के दौरान कुछ मलबा नीचे गिरा, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अफवाहों या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।

कतर प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं को ही सही मानें। साथ ही बिना पुष्टि के फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करने से बचने की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

वहीं, ओमान सरकार ने भी अपने मुसंदम गवर्नरेट में ड्रोन हमले होने की पुष्टि की है। ओमान ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक ओमान की ओर से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं दी गई है।

इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया था कि उसने ओमान के दुक्म बंदरगाह क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोतों के लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर और ईंधन आपूर्ति ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। तेल आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल खाड़ी देशों ने सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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