मानवाधिकार उल्लंघन रोकने पर तालिबान ने लगाई शर्त, बोले यह बड़ी बात

अफगानिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन रोकने को लेकर तालिबान ने शर्त लगाई है कि दुनिया पहले उसकी सरकार को मान्यता दे।

Update: 2021-09-22 02:49 GMT

अफगानिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन रोकने को लेकर तालिबान ने शर्त लगाई है कि दुनिया पहले उसकी सरकार को मान्यता दे। तालिबानी प्रवक्ता और सूचना-संस्कृति मंत्रालय के उप मंत्री जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, अगर वैश्विक समुदाय इस्लामी अमीरात सरकार को मान्यता देता है तो मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों पर चिंताओं को दूर किया जाएगा।

तालिबान की यह प्रतिक्रिया अफगानिस्तान में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख एंड्रियास वान ब्रांट की देश में मानवाधिकारों पर चिंता जताने के बाद आई है। मुजाहिद ने कहा, हमें मान्यता दिए बिना अधिकार उल्लंघनों पर हमारी आलोचना करते रहना, एकतरफा दृष्टिकोण है। उनके (वैश्विक समुदाय) लिए अच्छा होगा कि वे हमारे साथ जिम्मेदारी से पेश आएं।
एमनेस्टी ने कहा, अफगानिस्तान में लोगों को सता रहे दहशतगर्द
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने तालिबान पर देश की बागडोर संभालने के बाद से आम लोगों पर कई तरह के अत्याचार करने का आरोप लगाया है। एमनेस्टी और दो अन्य संगठनों ने कहा है कि तालिबान ने मानवाधिकारों को खत्म करने में जरा भी देरी नहीं की। एमनेस्टी ने तालिबान पर नागरिकों व सरेंडर करने वाले सैनिकों की हत्या व खासतौर पर महिलाओं आजादी पर बंदिशें लगाने के आरोप लगाए हैं।

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