उत्तर कोरिया के तानाशाह से मुलाकात के संकेत, ट्रंप का बड़ा बयान
एशिया दौरे पर किम जोंग-उन से मिल सकते हैं ट्रंप
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन से एक बार फिर मुलाकात की संभावना जताई है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि नवंबर में होने वाली उनकी एशिया यात्रा के दौरान उत्तर कोरियाई नेता से मुलाकात हो सकती है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किसी बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच उच्चस्तरीय बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना चर्चा में आ गई है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह अपनी आगामी एशिया यात्रा में किम जोंग-उन से मिलने की योजना बना रहे हैं। इस सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा संभव है। उन्होंने मुलाकात को रोमांचक बताते हुए कहा कि किम जोंग-उन के साथ उनके संबंध अच्छे हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम और मिसाइल परीक्षणों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बनी हुई हैं। अमेरिका लंबे समय से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास करता रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति नवंबर में एशिया की यात्रा करने वाले हैं। इस दौरान उनका फिलीपींस में 16 नवंबर को आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल होने का कार्यक्रम है। इसके बाद वह चीन के शेनझेन शहर जाएंगे, जहां 18 और 19 नवंबर को एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (APEC) का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच पहले भी कई बार मुलाकात हो चुकी है। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में दोनों नेताओं ने तीन बार आमने-सामने बातचीत की थी। पहली ऐतिहासिक मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी। यह अमेरिका के किसी मौजूदा राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के नेता के बीच पहली शिखर बैठक थी।
इसके बाद फरवरी 2019 में दोनों नेता वियतनाम की राजधानी हनोई में मिले थे। उस बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। हालांकि, दोनों पक्ष किसी व्यापक समझौते पर नहीं पहुंच सके थे।
जून 2019 में ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच तीसरी मुलाकात कोरियाई प्रायद्वीप के सीमावर्ती गांव पनमुनजोम में हुई थी। इस दौरान ट्रंप ने उत्तर कोरिया की सीमा में कदम भी रखा था। इन मुलाकातों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण पर स्थायी समझौता नहीं हो सका। अगस्त 2026 में भी ट्रंप ने इस वर्ष के अंत तक किम जोंग-उन से मिलने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कई अवसरों पर उत्तर कोरियाई नेता के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को सकारात्मक बताया है। ट्रंप का मानना है कि परमाणु हथियार रखने वाले देशों के नेताओं के साथ संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
इस बीच उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियां भी जारी हैं। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने 12 अक्टूबर को अपने पूर्वी तट की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह लगभग एक महीने में उत्तर कोरिया का चौथा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण था। इन गतिविधियों के कारण कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को किसी तरह की रियायत नहीं मानता। अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप प्योंगयांग के साथ संवाद के लिए तैयार है।
फिलहाल ट्रंप और किम जोंग-उन की संभावित मुलाकात की तारीख, स्थान और एजेंडा तय होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि नवंबर की एशिया यात्रा के दौरान दोनों नेता वास्तव में आमने-सामने बैठेंगे या नहीं। यदि यह मुलाकात होती है, तो दोनों देशों के बीच लंबे समय से रुकी उच्चस्तरीय कूटनीतिक बातचीत को दोबारा आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान ने इस संभावना को फिर चर्चा में ला दिया है।