नई दिल्ली। 26 मई 2026 की QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत को इस मिशन के अगले संस्करण की मेजबानी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। आधिकारिक तथ्यपत्र के अनुसार इसका उद्देश्य इंटरऑपरेबिलिटी और ज्ञान साझा करने की क्षमता को मजबूत करना है।नई दिल्ली। भारत ने QUAD देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित ‘QUAD-at-Sea Ship Observer Mission’ के नए संस्करण की शुरुआत का स्वागत किया है। भारतीय तटरक्षक बल का जहाज ‘शौनक’ चारों QUAD देशों के छह ‘Sea Riders’ के साथ चेन्नई से रवाना हुआ है। इस मिशन का उद्देश्य भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सुरक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल, ज्ञान साझा करने और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पहल की जानकारी देते हुए कहा कि भारत QUAD-at-Sea Ship Observer Mission की शुरुआत का स्वागत करता है। उन्होंने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल का जहाज शौनक चारों QUAD देशों के प्रतिनिधियों के साथ चेन्नई से रवाना हुआ है।विदेश मंत्रालय के अनुसार यह मिशन समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने के साथ स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर QUAD देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
QUAD में भारत के अलावा जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। चारों देश समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। समुद्री क्षेत्र में जानकारी साझा करना, निगरानी क्षमताओं में सुधार और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय इस सहयोग के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।मई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित QUAD विदेश मंत्रियों की 11वीं बैठक के दौरान भारत द्वारा QUAD-at-Sea Ship Observer Mission के अगले संस्करण की मेजबानी करने की घोषणा की गई थी। चारों देशों ने समुद्री और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कई पहलों पर सहमति जताई थी। मिशन का घोषित उद्देश्य इंटरऑपरेबिलिटी और नॉलेज शेयरिंग को मजबूत करना है।
QUAD-at-Sea Ship Observer Mission की शुरुआत इससे पहले 2025 में हुई थी। इसका पहला संस्करण पलाऊ से गुआम तक आयोजित किया गया था। इसमें चारों देशों की संबंधित समुद्री एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। मई 2026 की QUAD बैठक में चारों देशों ने पहले मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए भारत को इसके अगले संस्करण की मेजबानी सौंपने की घोषणा की थी।इस पहल की मूल घोषणा 2024 के QUAD नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। उस समय भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक में समुद्री सुरक्षा और आपसी तालमेल को मजबूत करने के लिए पहली बार इस तरह का Ship Observer Mission शुरू करने की योजना बताई थी। आधिकारिक भारतीय दस्तावेजों में इसका उद्देश्य तटरक्षक बलों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा को आगे बढ़ाना बताया गया था।
अब भारत की मेजबानी वाले संस्करण में भारतीय तटरक्षक बल का जहाज शौनक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार जहाज पर QUAD देशों के छह Sea Riders सवार हैं। ऐसे मिशनों में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को एक-दूसरे की समुद्री कार्यप्रणाली और परिचालन प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है।इस तरह की गतिविधियों का एक प्रमुख उद्देश्य अलग-अलग देशों की समुद्री एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर बेहतर समन्वय के साथ काम करने के लिए तैयार करना है। समुद्र में खोज एवं बचाव, समुद्री कानून प्रवर्तन, निगरानी और अन्य परिचालन क्षेत्रों में एजेंसियों के बीच प्रक्रियाओं की समझ सहयोग को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।
QUAD देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों की बेहतर जानकारी के लिए Indo-Pacific Partnership for Maritime Domain Awareness यानी IPMDA जैसी पहल भी शुरू की है। मई 2026 की बैठक में चारों देशों ने Indo-Pacific Maritime Surveillance Collaboration यानी IPMSC की शुरुआत की और समुद्री निगरानी तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया। शुरुआती स्तर पर इसका विशेष फोकस हिंद महासागर क्षेत्र पर रखा गया है।भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में IPMDA से जुड़े कार्यक्रम को गुरुग्राम स्थित Information Fusion Centre–Indian Ocean Region के जरिए आगे बढ़ाया है। QUAD देशों ने साझा समुद्री तस्वीर तैयार करने और समुद्र में होने वाली गतिविधियों से संबंधित जानकारी के बेहतर आदान-प्रदान की दिशा में काम करने की बात भी कही है।
समुद्री सुरक्षा के लिहाज से इंडो-पैसिफिक दुनिया के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है। यहां से अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग गुजरते हैं। इसलिए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, समुद्री कानूनों का पालन, अवैध समुद्री गतिविधियों की पहचान और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता जैसे विषय क्षेत्रीय सहयोग के प्रमुख हिस्से बने हुए हैं।QUAD देशों का कहना है कि उनका समुद्री सहयोग स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक की साझा दृष्टि से जुड़ा है। भारतीय तटरक्षक बल ने भी मौजूदा मिशन को स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के प्रति चारों देशों की प्रतिबद्धता से जोड़ा है।
QUAD-at-Sea पहल सैन्य गठबंधन के बजाय संबंधित तटरक्षक और समुद्री कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के बीच व्यावहारिक सहयोग पर केंद्रित है। इसके जरिए प्रतिनिधियों को समुद्र में वास्तविक परिचालन वातावरण में एक-दूसरे की प्रक्रियाओं को समझने का मौका मिलता है।2024 में घोषित योजना के मुताबिक अमेरिका के Coast Guard, Japan Coast Guard, Australian Border Force और Indian Coast Guard को इस पहल में शामिल किया गया था। पहले मिशन में विभिन्न देशों के अधिकारियों ने अमेरिकी Coast Guard के जहाज पर समय बिताया था। इसके बाद भविष्य में इंडो-पैसिफिक में ऐसे और मिशन आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई गई थी।
अब भारतीय तटरक्षक बल के जहाज शौनक की मेजबानी वाला संस्करण उसी सहयोग को आगे बढ़ा रहा है। चेन्नई से छह Sea Riders के साथ जहाज की रवानगी के जरिए भारत इस पहल में मेजबान की भूमिका निभा रहा है।विदेश मंत्रालय के अनुसार मिशन का व्यापक संदेश चारों देशों के बीच समुद्री सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी और साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। भारत की मेजबानी में शुरू हुआ यह संस्करण समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में QUAD देशों के बीच बढ़ते व्यावहारिक सहयोग की अगली कड़ी है।