वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की एक संसदीय समिति ने नई रिपोर्ट जारी की है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से संबंधित मामलों की निगरानी करने वाली हाउस सेलेक्ट कमिटी ने आरोप लगाया है कि चीन से जुड़ी कुछ संस्थाएं अमेरिकी करदाताओं के पैसे से होने वाले वैज्ञानिक अनुसंधान का अनुचित लाभ उठा रही हैं। समिति ने अमेरिकी कांग्रेस से अनुसंधान सुरक्षा संबंधी नियमों को मजबूत करने और 'सिक्योरिंग इनोवेशन एंड रिसर्च फ्रॉम एडवर्सरीज' (SIRA) एक्ट पारित करने की मांग की है।समिति के अध्यक्ष और मिशिगन से रिपब्लिकन सांसद जॉन मूलनार ने 13 अक्टूबर 2026 को यह रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट का शीर्षक 'हाउ टू स्टॉप चाइनाज थेफ्ट ऑफ अमेरिकाज टैक्सपेयर-फंडेड रिसर्च' है। इसमें अमेरिकी सरकार से शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग की निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसों से होने वाली रिसर्च पर सवाल
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी करदाताओं के धन से संचालित वैज्ञानिक अनुसंधान का लाभ ऐसी विदेशी संस्थाओं तक पहुंच सकता है, जिन्हें अमेरिकी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण मानती है।समिति के अनुसार, संवेदनशील वैज्ञानिक जानकारी और तकनीकी अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से अमेरिकी हित प्रभावित हो सकते हैं।रिपोर्ट तैयार करने के लिए संसदीय जांच, संघीय एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई और सरकारी महानिरीक्षकों की रिपोर्टों का अध्ययन किया गया है।हालांकि, समिति द्वारा लगाए गए आरोपों को चीन से जुड़ी सभी शिक्षण या अनुसंधान संस्थाओं के खिलाफ साबित अपराध नहीं माना जा सकता।
SIRA एक्ट पारित करने की मांग
समिति के अध्यक्ष जॉन मूलनार ने कहा कि कांग्रेस को SIRA एक्ट पारित करना चाहिए, ताकि संघीय सरकार के सभी विभागों में अनुसंधान सुरक्षा के लिए स्पष्ट और एकसमान नियम लागू किए जा सकें।प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिकी सरकार के धन से होने वाले ऐसे अनुसंधान सहयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान होगा, जिनमें सरकार की प्रतिबंधित सूची में शामिल संस्थाएं भागीदार हों।समिति का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि अमेरिकी करदाताओं का धन उन संस्थाओं के साथ शोध कार्यों में इस्तेमाल न हो, जिन्हें अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है।फिलहाल SIRA एक्ट प्रस्तावित कानून है। इसे लागू करने के लिए आवश्यक विधायी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
विश्वविद्यालयों की निगरानी बढ़ाने की सिफारिश
रिपोर्ट में अमेरिकी विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।समिति ने सिफारिश की है कि किसी विश्वविद्यालय या अनुसंधान संस्था को सरकारी अनुदान मिलने के बाद भी उसके शोध सहयोग और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी की जाएइसके अलावा सभी संबंधित संघीय एजेंसियों में समान अनुसंधान सुरक्षा मानक लागू करने की जरूरत बताई गई है।समिति का तर्क है कि अलग-अलग एजेंसियों के सुरक्षा नियमों में अंतर होने से निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है।
शैक्षणिक स्वतंत्रता को लेकर उठीं चिंताएं
रिपोर्ट में अनुसंधान सुरक्षा के कड़े नियमों का विरोध करने वाले पक्षों की आपत्तियों पर भी चर्चा की गई है।इन आपत्तियों में शैक्षणिक स्वतंत्रता प्रभावित होने, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग सीमित होने और विश्वविद्यालयों पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ बढ़ने जैसी चिंताएं शामिल हैं।कुछ शिक्षण संस्थानों का तर्क रहा है कि वे स्वयं अपने शोध सहयोग की निगरानी कर सकते हैं और इसके लिए अतिरिक्त सरकारी नियंत्रण की आवश्यकता नहीं है।हालांकि, संसदीय समिति ने इन तर्कों से असहमति व्यक्त की है। उसका कहना है कि सरकारी धन से होने वाले अनुसंधान की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सुरक्षा नियम अपनाने वाले संस्थानों को प्रोत्साहन
रिपोर्ट में उन विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को प्रोत्साहित करने की भी सिफारिश की गई है, जो स्वेच्छा से मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करते हैं।इसके अलावा जांच में गंभीर नियम उल्लंघन सामने आने पर संबंधित संस्थाओं को सरकारी अनुदान से अस्थायी या दीर्घकालिक रूप से प्रतिबंधित करने के अधिकारों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने की बात कही गई है।समिति का मानना है कि स्पष्ट नियमों और जवाबदेही की व्यवस्था से संवेदनशील अनुसंधान संबंधी जोखिमों को कम किया जा सकता है।
चीन से जुड़ी संस्थाओं पर पहले भी उठे सवाल
जॉन मूलनार इससे पहले भी चीन से जुड़ी शिक्षण और तकनीकी संस्थाओं के साथ अमेरिकी अनुसंधान सहयोग पर सवाल उठा चुके हैं।9 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग से अतिरिक्त 58 चीनी विश्वविद्यालयों और 62 तकनीकी प्रयोगशालाओं पर अनुसंधान वित्तपोषण संबंधी प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था।इन चिंताओं में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे संवेदनशील तकनीकी क्षेत्र शामिल हैं।
अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच महत्वपूर्ण रिपोर्ट
अमेरिका और चीन के बीच वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर लंबे समय से प्रतिस्पर्धा जारी है।नई संसदीय रिपोर्ट इसी व्यापक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में सामने आई है।समिति ने संघीय अनुसंधान अनुदान की सुरक्षा, विश्वविद्यालयों की जवाबदेही और प्रतिबंधित विदेशी संस्थाओं के साथ सहयोग पर नियंत्रण बढ़ाने का आग्रह किया है।अब इस मामले में अमेरिकी कांग्रेस की आगे की विधायी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। SIRA एक्ट पारित होने की स्थिति में सरकारी वित्तपोषण से संचालित अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग के नियमों में बदलाव हो सकता है।