इजराइल जाने वाली उड़ानों पर बढ़ी सुरक्षा, 6 दिन में दूसरी फ्लाइट को बम की धमकी
नई दिल्ली: इजराइल के तेल अवीव से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी मिलने के बाद बुल्गारिया में उतारा गया। विमान में 51 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान की निगरानी के लिए MiG-29 लड़ाकू विमान भेजे। इस घटना से कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को भी बम की धमकी मिली थी।
बम की धमकी के बाद विमान का रास्ता बदला
इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद विमान को बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में उतारा गया। विमान में कुल 57 लोग सवार थे, जिनमें 51 यात्री और छह क्रू मेंबर शामिल थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं मिली है।
यह विमान एयरबस A320 था और रविवार शाम तेल अवीव से वियना के लिए रवाना हुआ था। खतरे की सूचना मिलने के बाद बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए MiG-29 लड़ाकू विमान भेजे।
करीब तीन घंटे बाद सोफिया में हुई लैंडिंग
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान ने रविवार शाम 6 बजकर 46 मिनट पर तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। रास्ते में जब यह रोमानिया के ऊपर पहुंचा, तो इसका रुख बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर कर दिया गया।
विमान रात 9 बजकर 10 मिनट पर सोफिया के वासिल लेव्स्की एयरपोर्ट पर उतरा। इस तरह उड़ान भरने के करीब तीन घंटे बाद विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया।
बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, खतरे का अलर्ट मिलने के लगभग 30 मिनट बाद विमान की सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई थी। बुल्गारिया और इजराइली मीडिया ने बम की धमकी मिलने की जानकारी दी। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने भी खतरे की पुष्टि की, लेकिन मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं दी।
छह दिन पहले डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को भी मिली थी धमकी
इजराइल से जुड़ी उड़ानों में सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। 13 अक्टूबर को अमेरिका के न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को भी बम की धमकी मिली थी।
इसके बाद विमान को खाली कराया गया और उसकी तलाशी ली गई। हालांकि, जांच के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
इससे एक दिन पहले इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को भी इजराइल में उतरने की मंजूरी नहीं दी गई थी। इसकी वजह विमान के पायलट का इंडोनेशियाई नागरिक होना बताया गया। पायलट बदलने के बाद विमान को उतरने की अनुमति मिली।
इजराइल ने 11 देशों के पायलटों और क्रू पर लगाई रोक
खबर के मुताबिक, सितंबर में फ्लाईदुबई की फ्लाइट से जुड़ी घटना के बाद इजराइल ने सुरक्षा नियम सख्त किए थे। इसके तहत 11 देशों के पायलटों और क्रू सदस्यों पर रोक लगाई गई।
इन देशों में अफगानिस्तान, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, नाइजर, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया और वेनेजुएला शामिल हैं। खबर में बताया गया है कि इन देशों के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।
फ्लाईदुबई की उड़ान में हाईजैक की कोशिश का दावा
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भी गंभीर घटना हुई थी। खबर के अनुसार, विमान के ओमानी पायलट ने विमान पर कब्जा करने की कोशिश की और दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कई यात्रियों ने बीच में आकर उसे रोक दिया। इसके बाद लड़ाकू विमानों की निगरानी में विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
इजराइली न्यूज चैनल 12 के मुताबिक, इस घटना के अगले दिन इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि दुश्मन देशों के नागरिकों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में पायलट, क्रू मेंबर या यात्री के तौर पर सफर करने की अनुमति न दी जाए।