नई दिल्ली। भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर रियाज़ हमीदुल्लाह ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी से विदाई मुलाकात की। यह बैठक नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में हुई, जिसमें दोनों वरिष्ठ राजनयिकों ने भारत-बांग्लादेश संबंधों के विभिन्न पहलुओं, मौजूदा संस्थागत तंत्र के तहत जारी सहयोग और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने साझा हितों के क्षेत्रों में भविष्य में भी सार्थक और प्रभावी सहयोग जारी रहने की उम्मीद जताई।
भारत में बांग्लादेश हाई कमीशन ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। पोस्ट में बताया गया कि हाई कमिश्नर रियाज़ हमीदुल्लाह ने मंगलवार को विदेश मंत्रालय में विदेश सचिव विक्रम मिसरी से विदाई मुलाकात की, क्योंकि भारत में उनका कार्यकाल अब समाप्त हो रहा है। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक दायरे की समीक्षा की और मौजूदा भारत-बांग्लादेश संस्थागत व्यवस्थाओं के तहत सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
हाई कमीशन के अनुसार दोनों राजनयिकों ने लोगों के बीच विविध संपर्कों को विशेष महत्व दिया। उन्होंने माना कि दोनों देशों के रिश्ते केवल सरकारों और आधिकारिक संस्थाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध भी द्विपक्षीय रिश्तों की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। दोनों ने विश्वास जताया कि संयुक्त प्रयासों से साझा हितों के क्षेत्रों में अधिक ठोस और असरदार सहयोग संभव होगा।
रियाज़ हमीदुल्लाह ने अप्रैल 2025 में भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभाला था। उनका करीब 18 महीने का कार्यकाल ऐसे समय में रहा, जब दोनों देशों के बीच विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर लगातार बातचीत जारी रही। हमीदुल्लाह पहले भी भारत-बांग्लादेश संबंधों को आपसी विश्वास, सम्मान और साझा लाभ पर आधारित बताते रहे हैं। उन्होंने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने को भी अपने कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा।
विदाई मुलाकात से कुछ दिन पहले हमीदुल्लाह ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की थी। 4 अक्टूबर को हुई इस बैठक में जयशंकर ने भारत में उनके कार्यकाल के दौरान द्विपक्षीय संबंधों में दिए गए योगदान की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उस समय भी दोनों पक्षों के बीच साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
हमीदुल्लाह का कार्यकाल भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। दोनों देशों के बीच व्यापार, संपर्क, जल, ऊर्जा, सुरक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे मुद्दे लंबे समय से द्विपक्षीय एजेंडे में शामिल रहे हैं। भारत ने हाल के महीनों में कहा है कि वह बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य की ओर देखने वाले संबंध चाहता है और सभी द्विपक्षीय विषयों पर स्थापित तंत्र के तहत बातचीत के लिए तैयार है।
बांग्लादेश की ओर से भी इस बात पर लगातार जोर दिया गया है कि दोनों देशों के बीच संबंधों का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। मार्च 2026 में नई दिल्ली में आयोजित बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में हमीदुल्लाह ने कहा था कि भारत और बांग्लादेश की साझेदारी इतिहास, संस्कृति और साझा भूगोल से बनी है। उन्होंने रिश्तों को आपसी सम्मान, समानता, विश्वास और साझा लाभ के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही थी।
हमीदुल्लाह ने अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में भी लोगों के बीच संपर्क को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। सितंबर के अंत में उन्होंने भारत-बांग्लादेश रिश्तों को “ऑर्गेनिक” बताते हुए कहा था कि दोनों देश आपसी निर्भरता और साझा हितों से जुड़े हैं। उनका कहना था कि पारंपरिक राजनयिक बातचीत के साथ-साथ सामान्य नागरिकों, छात्रों, कारोबारियों, कलाकारों और अन्य समूहों के बीच संपर्क बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रियाज़ हमीदुल्लाह की विदाई मुलाकात में भी यही पहलू प्रमुखता से सामने आया। दोनों अधिकारियों ने मौजूदा संस्थागत तंत्र को आगे बढ़ाने के साथ लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने पर जोर दिया। भारत और बांग्लादेश के बीच कई ऐसे द्विपक्षीय मंच और व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जिनके जरिए व्यापार, सुरक्षा, कनेक्टिविटी, जल संसाधन और अन्य मुद्दों पर बातचीत की जाती है।
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में भौगोलिक निकटता भी बड़ी भूमिका निभाती है। दोनों देशों के बीच लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है और सड़क, रेल, जलमार्ग तथा ऊर्जा नेटवर्क के जरिए व्यापक संपर्क मौजूद है। इसके अलावा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध भी दोनों देशों के रिश्तों को खास बनाते हैं। यही कारण है कि आधिकारिक बैठकों में लोगों के बीच संबंधों को लगातार महत्व दिया जाता रहा है।
हमीदुल्लाह अब बांग्लादेश के संयुक्त राष्ट्र जिनेवा मिशन में स्थायी प्रतिनिधि के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। भारत में उनके स्थान पर असद आलम सियाम को बांग्लादेश का नया हाई कमिश्नर बनाए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और भारत ने उनके नाम पर औपचारिक सहमति दे दी है।
विदाई मुलाकात के दौरान दोनों देशों की ओर से भविष्य के सहयोग को लेकर जताया गया भरोसा इस बात का संकेत है कि राजनयिक स्तर पर संवाद जारी रखने पर जोर बना हुआ है। दोनों पक्षों ने विशेष रूप से साझा हितों वाले क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों के जरिए सार्थक नतीजे हासिल करने की बात कही।
रियाज़ हमीदुल्लाह और विक्रम मिसरी की यह बैठक औपचारिक विदाई मुलाकात थी, लेकिन इसमें भारत-बांग्लादेश संबंधों की आगे की दिशा पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने मौजूदा संस्थागत व्यवस्थाओं को बनाए रखने, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और साझा हितों के आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाने में विश्वास जताया।
Tags: