चिलिमे सुरंग में रेस्क्यू तेज बड़े बोल्डर बने चुनौती नदी किनारे बनाया जा रहा रास्ता
Kathmandu काठमांडू। नेपाल की चिलिमे टनल में भारत और नेपाल की टीमों का संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरंग के अंदर जमा कीचड़ और मलबे को हाथों से निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है। वहीं भारी मशीनों को सुरंग के भीतर पहुंचाने के लिए अस्थायी ट्रैक के निर्माण में भी प्रगति हुई है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने अभियान की ताजा स्थिति की जानकारी दी।
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के मुताबिक, भारत और नेपाल की टीमें चिलिमे टनल में मिलकर खोज एवं बचाव कार्य कर रही हैं। सुरंग के अंदर बड़ी मात्रा में जमा कीचड़ और मलबा अभियान में प्रमुख चुनौती बना हुआ है। इसे फिलहाल मैनुअल तरीके से हटाने का काम लगातार जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने के लिए एक्सकेवेटर जैसी भारी मशीनों को सुरंग के अंदर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक अस्थायी ट्रैक बनाया जा रहा है। श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रैक निर्माण का काम आगे बढ़ा है और यह अब टनल के प्रवेश द्वार के और करीब पहुंच गया है।
हालांकि, सुरंग के पास मौजूद बड़े-बड़े बोल्डर बचाव दल के लिए मुश्किल पैदा कर रहे हैं। मशीनों को सुरक्षित तरीके से आगे ले जाने के लिए इन बाधाओं से निपटना जरूरी है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए नदी के किनारे रास्ता तैयार किया जा रहा है। राजदूत के अनुसार, नदी के किनारे मार्ग बनाने के लिए गैबियन बॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनकी मदद से ऐसा रास्ता तैयार करने की कोशिश है, जिससे भारी मशीनों को टनल के प्रवेश द्वार तक पहुंचाया जा सके। एक्सकेवेटर के सुरंग तक पहुंचने के बाद बड़ी मात्रा में जमा मलबे को हटाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
भारत और नेपाल की टीमें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच लगातार अभियान चला रही हैं। फिलहाल प्राथमिकता टनल तक मशीनों की पहुंच सुनिश्चित करने और अंदर जमा मलबे तथा कीचड़ को हटाने की है। नवीन श्रीवास्तव के अनुसार संयुक्त प्रयास जारी हैं और अस्थायी ट्रैक के निर्माण में लगातार प्रगति हो रही है। बड़े बोल्डरों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल रास्ता तैयार करने में जुटे हुए हैं।