वाशिंगटन। पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और लोकतांत्रिक अधिकारों पर कथित प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका में भी सवाल उठने लगे हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नीति की आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और अन्य राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि अमेरिका को राजनीतिक दमन के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।इलिनोइस से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बुधवार, 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति और अमेरिकी प्रशासन के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है और निर्वाचित प्रांतीय सरकारों को निलंबित किया जा रहा है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप वहां के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ संबंध मजबूत बनाए हुए हैं।
ट्रंप और आसिम मुनीर के संबंधों पर उठाए सवाल
राजा कृष्णमूर्ति ने अपने बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच बढ़ते संपर्कों की आलोचना की।उन्होंने कहा, "एक तरफ पाकिस्तान सरकार विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर रही है और एक निर्वाचित प्रांतीय सरकार को निलंबित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप वहां के सेना प्रमुख के साथ लगातार नजदीकियां बनाए हुए हैं।कृष्णमूर्ति ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान की जनता और लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन करना चाहिए, न कि राजनीतिक दमन को बढ़ावा देने वाली नीतियों का।उनके अनुसार, वाशिंगटन को पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इमरान खान की रिहाई की मांग
अमेरिकी सांसद ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन से आग्रह किया कि वह पाकिस्तान सरकार पर राजनीतिक बंदियों की रिहाई के लिए दबाव बनाए।कृष्णमूर्ति ने कहा कि अमेरिका को इमरान खान सहित उन सभी लोगों की रिहाई की मांग करनी चाहिए, जिन्हें राजनीतिक कारणों से जेल में रखे जाने का आरोप है।इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में जेल में हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का आरोप है कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
खैबर पख्तूनख्वा में प्रांतीय सरकार निलंबित
पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया, जब राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 11 अक्टूबर 2026 को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल लागू कर दिया।इस फैसले के तहत इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली निर्वाचित प्रांतीय सरकार को निलंबित कर राज्यपाल शासन लागू किया गया।पाकिस्तान की संघीय सरकार ने फैसले के पीछे आतंकवादी हिंसा में बढ़ोतरी और सुरक्षा व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को प्रमुख कारण बताया।वहीं, पीटीआई ने आरोप लगाया कि यह कदम पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को कमजोर करने और इमरान खान की रिहाई के समर्थन में प्रस्तावित प्रदर्शनों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी पर चिंता
खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू होने के बाद पीटीआई के कई नेताओं और समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं।पार्टी से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारियों के साथ प्रांतीय मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।13 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में पुलिस और इमरान खान के समर्थकों के बीच झड़पें हुई थीं। पीटीआई ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया था, जबकि प्रशासन ने हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपों का हवाला दिया।
अमेरिका से लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन की अपील
राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।उन्होंने राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान की जनता के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान में सैन्य नेतृत्व की भूमिका, निर्वाचित संस्थाओं के अधिकार और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक मतभेद बढ़ रहे हैं।
पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर फिर चर्चा
कृष्णमूर्ति के बयान के बाद पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के साथ अमेरिकी प्रशासन के संबंधों पर भी चर्चा तेज हुई है।एक ओर पाकिस्तान सरकार सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को अपने फैसलों का आधार बता रही है, वहीं विपक्षी दल इन कदमों को राजनीतिक अधिकारों पर प्रतिबंध के रूप में देख रहे हैं।फिलहाल राजा कृष्णमूर्ति ने अमेरिकी प्रशासन से इमरान खान सहित राजनीतिक बंदियों की रिहाई का मुद्दा उठाने और पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के समर्थन में कदम उठाने की अपील की है।
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