पेरिस के प्रमुख इलाकों में आज प्रदर्शनों पर रोक, सुबह आठ से रात आठ बजे तक प्रतिबंध
संसद और राष्ट्रपति भवन के आसपास प्रदर्शन प्रतिबंधित
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में हालिया हिंसा और लूटपाट के बाद प्रशासन ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को कई प्रमुख इलाकों में विरोध-प्रदर्शनों और सार्वजनिक जमावड़ों पर रोक लगाई है। पेरिस पुलिस प्रीफेक्चर की ओर से जारी व्यवस्था स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रतिबंध राष्ट्रपति भवन, संसद और प्रमुख पर्यटन स्थलों सहित निर्धारित क्षेत्रों पर लागू है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसे पूरे पेरिस में हर प्रकार के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध के तौर पर प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब फ्रांस में महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षण संस्थानों की स्थिति को लेकर आंदोलन जारी हैं। पिछले शनिवार, 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर हिंसा भड़क गई थी। दुकानों में लूटपाट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और पुलिस के साथ झड़पों के बाद सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ा। अब आगामी कार्यक्रमों से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ जुटने को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग आदेश लागू किए जा रहे हैं।
किन इलाकों में लागू होगी रोक
प्रतिबंध के दायरे में एलिसी राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय मातिन्यों, संसद के आसपास के क्षेत्र, लूव्र संग्रहालय और शॉंज-एलिजे जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। इसके अलावा बास्तील, रिपब्लिक और इटली चौक, शातले, ले आल, इल द ला सिते तथा बड़े रेलवे स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों का भी उल्लेख है। ये राजनीतिक, व्यावसायिक और सार्वजनिक आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान हैं। आदेश का उद्देश्य निर्धारित सीमाओं के भीतर प्रदर्शनों और जमावड़ों को नियंत्रित करना है। पेरिस पुलिस ने एक छात्र प्रदर्शन को रोकने के लिए अलग आदेश भी जारी किया है। इंटरफैक आईडीएफ की ओर से घोषित यह मार्च बुलेवार द लोपिताल से बास्तील तक प्रस्तावित था। प्रशासन ने पिछले आयोजनों में हुई घटनाओं और आयोजकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। दूसरी ओर, छात्र समूह ने सरकारी कार्रवाई की आलोचना की है। इससे स्पष्ट है कि किसी खास घोषित मार्च को प्रतिबंधित करने और कई क्षेत्रों में अघोषित जमावड़ों पर रोक लगाने के लिए अलग व्यवस्थाएं की गई हैं।
पूरे शहर में पूर्ण प्रतिबंध का दावा सही नहीं
पुलिस प्रीफेक्चर के सार्वजनिक संदेशों में 22 अक्टूबर के एक प्रदर्शन पर रोक और कुछ क्षेत्रों में जमावड़ों पर प्रतिबंध के लिए अलग आदेशों का उल्लेख है। इनमें आदेश संख्या 2026-01404 और 2026-01403 शामिल हैं। इसलिए राजधानी के प्रत्येक हिस्से में पूरे दिन सभी विरोध कार्यक्रम बंद होने का निष्कर्ष उपलब्ध विवरण से नहीं निकलता। खबर का सही दायरा निर्धारित क्षेत्रों, संबंधित आयोजनों और आदेश में तय समय तक सीमित रखना जरूरी है। दिन में प्रदर्शनों पर लगी रोक और रात का कर्फ्यू भी अलग व्यवस्थाएं हैं। पेरिस के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया गया था। 21 और 22 अक्टूबर की दरम्यानी रात रिपब्लिक चौक के केंद्रीय हिस्से और ले आल के एक क्षेत्र में रात 11 बजे से सुबह छह बजे तक पाबंदियां लागू रहने की जानकारी दी गई। यह व्यवस्था पूरे पेरिस पर लागू नहीं थी। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों, काम पर जाने वालों और आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्धारित शर्तों के तहत आवागमन की गुंजाइश रखी गई थी।
महंगाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन
फ्रांस में मौजूदा असंतोष की पृष्ठभूमि में जीवनयापन का बढ़ता खर्च और स्कूलों की परिस्थितियों को लेकर नाराजगी है। छात्र आंदोलन के साथ दूसरे संगठनों और नागरिक समूहों की भागीदारी से विरोध का दायरा बढ़ा है। हालांकि, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की मांगों और हिंसा में शामिल लोगों की गतिविधियों को एक जैसा नहीं माना जा सकता। शनिवार के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी मांगें रखीं, जबकि कुछ स्थानों पर आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट ने सुरक्षा संकट पैदा किया।
सरकार के सामने सार्वजनिक सुरक्षा बहाल करने के साथ सामाजिक असंतोष का समाधान तलाशने की चुनौती है। प्रधानमंत्री सेबास्तियां लेकोर्नू ने पहले सीमित और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कर्फ्यू लगाने की बात कही थी। उन्होंने पूरे पेरिस में कर्फ्यू लगाने की संभावना से इनकार किया था। इस रुख के अनुरूप अलग-अलग इलाकों में अलग सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं। अन्य फ्रांसीसी शहरों में भी स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनकी समयसीमा और प्रभावित आबादी एक जैसी नहीं है।
आगामी प्रदर्शनों से पहले सरकार सतर्क
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आगामी आयोजनों में पिछले सप्ताह जैसी हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने का संकल्प जताया है। उन्होंने खुफिया अधिकारियों और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ स्थिति की समीक्षा करने की बात कही। छात्र संगठन यूएनईएफ और येलो वेस्ट आंदोलन ने शनिवार के लिए कार्यक्रमों की तैयारी की है। वहीं, श्रमिक संगठनों ने महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के खिलाफ पांच नवंबर को व्यापक हड़ताल की योजना बताई है। इन प्रस्तावित कार्यक्रमों के कारण प्रशासन की चिंता केवल गुरुवार तक सीमित नहीं है। मैक्रों ने फ्रांस की अशांति को लेकर कुछ विदेशी नेताओं की टिप्पणियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि घटनाओं के बाद गलत सूचनाएं फैलाई गईं और कुछ नेताओं ने राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की। यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब फ्रांस के भीतर सुरक्षा प्रबंधन और सरकार की तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रपति ने व्यवस्था बहाल करने का भरोसा दिया है, लेकिन आंदोलनकारी संगठनों की आर्थिक और शैक्षणिक मांगों पर तनाव बना हुआ है।
आवाजाही पर भी स्थानीय असर
प्रतिबंधों और रात्रिकालीन सुरक्षा उपायों के दौरान पेरिस के कुछ परिवहन केंद्रों पर भी बदलाव किए गए। आधिकारिक राजनयिक सूचना में 21 अक्टूबर की रात शातले, ले आल और रिपब्लिक जैसे स्टेशनों पर सेवाओं संबंधी पाबंदियों का उल्लेख था। इन बदलावों को पूरे शहर की परिवहन व्यवस्था बंद होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल मुख्य स्थिति यह है कि गुरुवार को पेरिस के निर्धारित क्षेत्रों में दिन के समय प्रदर्शनों पर रोक है, जबकि विशेष छात्र मार्च और रात्रिकालीन कर्फ्यू के लिए अलग आदेश लागू किए गए हैं।