ईरान (Iran) में हिजाब (Hijab) के खिलाफ प्रदर्शन जोरों पर है. बड़ी संख्या में महिलाएं, युवती महसा अमीनी (Mahsa Amini) की मौत और हिजाब का विरोध कर रही हैं. इस बीच, तेहरान का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की एक बड़ी तस्वीर को जलाते हुए नजर आ रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान लोग 'मुल्लाओं को जाना होगा' के नारे में भी लगाते दिख रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल (Viral) हुए हैं जिसमें महिलाएं हिजाब जलाती और अपने बाल काटती हुई दिख रही हैं. हालांकि ईरान में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन (Hijab Protest) से खुश नहीं हैं. ईरान का एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स सड़क पर जा रही महिला को सरेआम थप्पड़ मारता दिख रहा है. हालांकि जब वो जाने लगता है तो लोग उसे पकड़कर उसकी कुटाई कर देते हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.



महिला को मारने वाले को गुस्साई भीड़ ने पीटा

बता दें कि ईरान में मोरलिटी के नाम पहले महिलाओं के साथ सरेआम मारपीट करना आम था. लेकिन अब ईरान में हालात बदल गए हैं. महिला को थप्पड़ मारने वाला शख्स वहां से चुपचाप निकल नहीं सका. लोगों ने उसे पकड़ा और पीट दिया. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि महिला सड़क पर जा रही थी. एक शख्स सड़क पर अपनी बाइक खड़ी करता है और महिला की तरफ जाता है. इसके बाद वो महिला को थप्पड़ जड़ देता है और आराम से अपनी बाइक पर आकर बैठ जाता है. जब वह वहां से जाने लगता है, तभी एक आदमी पीछे दौड़कर आता है और उसको पकड़ लेता है. फिर महिलाएं और बाकी लोग भी वहां आ जाते हैं और उसको पीटने लगते हैं.


हिजाब के खिलाफ सड़कों पर ईरानी महिलाएं

गौरतलब है कि महसा अमीनी (Mahsa Amini) की मौत के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं हिजाब के खिलाफ सड़कों पर हैं और 'स्वतंत्रता' के नारों के बीच कई महिलाओं ने सरेआम हिजाब जलाए. कुछ लोग शासन पर इस्लामी धर्मगुरुओं का प्रभाव खत्म किए जाने को लेकर आवाज उठा रहे हैं. राजधानी तेहरान से लेकर महसा अमीनी के कुर्द शहर साकेज़ तक कम से कम 13 शहरों में हजारों ईरानी लोग सामाजिक और राजनीतिक दमन का आरोप लगाते हुए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

हिंसा में हो चुकी है इतने लोगों की मौत

जान लें कि ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि हिंसा में अब तक मरने वालों की संख्या 26 तक हो सकती है. देश की महिलाएं हिजाब के खिलाफ सड़कों पर उतर आई हैं. कई ईरानी शहरों और कस्बों में विरोध का स्तर स्पष्ट नहीं है. यह आंदोलन 2019 के आंदोलन के बाद व्यापक अशांति को दर्शाता है.

बता दें कि ईरान में मौजूदा हिंसा उत्तर-पश्चिमी कुर्द शहर की युवती महसा अमीनी (Mahsa Amini) की मौत के बाद शुरू हुई, जिसे पिछले हफ्ते तेहरान में देश की मोरलिटी पुलिस ने सख्त ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उसकी मौत पर पश्चिमी देशों और संयुक्त राष्ट्र ने ईरान की तीखी निंदा की है और घटना से पूरे देश में आक्रोश फैल गया है.


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