जकार्ता। इंडोनेशिया में शनिवार सुबह एक शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। फ्लोरेस द्वीप के पास समुद्री क्षेत्र में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र फ्लोरेस द्वीप के उत्तरी तट से करीब 68 किलोमीटर (42 मील) उत्तर-पश्चिम में एंदे शहर के पास स्थित था। भूकंप की गहराई काफी कम यानी लगभग 10 किलोमीटर रही, जिसके कारण इसके प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई।

प्रारंभिक भूकंप के बाद उसी क्षेत्र में कई तेज झटके महसूस किए गए। यूएसजीएस के मुताबिक, भूकंप के कुछ समय बाद 5.6 और 5.9 तीव्रता के दो बड़े आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए। लगातार आ रहे झटकों के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी (बीएमकेजी) ने भूकंप के बाद संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और समुद्र तटों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि भूकंप के बाद समुद्र में असामान्य हलचल की निगरानी की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

फ्लोरेस द्वीप इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में स्थित है और यह क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं होती रहती हैं।

भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी प्रभावित इलाकों से जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, कम गहराई वाले भूकंप अधिक खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि इनकी ऊर्जा धरती की सतह के करीब रहती है। ऐसे भूकंपों से इमारतों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा समुद्र के नीचे आने वाले बड़े भूकंप सुनामी का कारण भी बन सकते हैं।

इंडोनेशिया पहले भी विनाशकारी भूकंप और सुनामी का सामना कर चुका है। वर्ष 2004 में आए हिंद महासागर भूकंप और सुनामी ने इंडोनेशिया समेत कई देशों में भारी तबाही मचाई थी। इसके बाद से इंडोनेशिया ने भूकंप और सुनामी की निगरानी के लिए अपनी चेतावनी प्रणाली को मजबूत किया है।

फ्लोरेस क्षेत्र में आए इस भूकंप के बाद अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान शुरू किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता समुद्र तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित सुनामी के खतरे को देखते हुए लगातार निगरानी बनाए रखना है। वैज्ञानिक भी आफ्टरशॉक की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि बड़े भूकंप के बाद कई बार लंबे समय तक छोटे-बड़े झटके आते रहते हैं।

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