नई दिल्ली। भारत और पोलैंड ने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। नई दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच उच्चस्तरीय बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई गई। दोनों देशों ने वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने और नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क ने द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों नेताओं का मानना है कि भारत और पोलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों में विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 6.36 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। वर्ष 2013 में यह आंकड़ा करीब 1.95 अरब डॉलर था। इससे स्पष्ट होता है कि पिछले एक दशक से अधिक समय में व्यापारिक संबंधों का विस्तार हुआ है।नए लक्ष्य के तहत दोनों देश निर्यात, आयात और निवेश गतिविधियों को बढ़ाने के साथ कारोबारी बाधाओं को कम करने पर ध्यान देंगे।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर जोर
दोनों नेताओं ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को जल्द औपचारिक रूप देने, आवश्यक मंजूरी दिलाने और समय पर लागू करने का समर्थन किया।संयुक्त बयान के अनुसार, इस समझौते से भारतीय और पोलैंड की कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही औद्योगिक उत्पादन, निवेश और महत्वपूर्ण मूल्य शृंखलाओं में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने के अवसर बढ़ सकते हैं।
पोलैंड की कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत में निवेश और कारोबारी गतिविधियों का विस्तार करने के लिए आमंत्रित कियाउन्होंने कहा कि भारत का विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल कार्यबल और तेजी से विकसित होता विनिर्माण क्षेत्र विदेशी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।मोदी ने पोलैंड के उद्योग जगत से भारत के नवाचार, डिजिटल तकनीक और औद्योगिक विकास में भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कंपनियां मिलकर विश्वसनीय वैश्विक सप्लाई चेन विकसित कर सकती हैं।
यूरोपीय बाजार के लिए पोलैंड बनेगा प्रवेश द्वार
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अपने देश में भारतीय कंपनियों के निवेश की सराहना की।उन्होंने कहा कि पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप के बाजारों तक पहुंच बनाने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार की भूमिका निभा सकता है।पोलैंड की भौगोलिक स्थिति और यूरोपीय संघ के बाजार से उसका जुड़ाव भारतीय कंपनियों को नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध करा सकता है।दोनों नेताओं ने निवेश को बढ़ावा देने और कंपनियों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
भारत और पोलैंड ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय कार्य समूह की गतिविधियों को दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई।इसका उद्देश्य कृषि व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित प्रौद्योगिकियों में साझेदारी को मजबूत करना है।इसके अतिरिक्त औद्योगिक मशीनरी, रक्षा उत्पादन, बुनियादी ढांचे, दवा उद्योग, खनन, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को सहयोग की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।दोनों पक्षों ने नवाचार आधारित विकास और डिजिटल परिवर्तन में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का आयोजन
डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम आयोजित किया गयाइस कार्यक्रम का उद्देश्य कारोबारियों के बीच संपर्क बढ़ाना और निवेश की नई संभावनाएं तलाशना है।पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। प्रतिनिधिमंडल में रक्षा, ऊर्जा और अन्य उद्योगों की कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
छोटे उद्योगों और स्टार्टअप को मिलेगा अवसर
दोनों नेताओं ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विकास को व्यापारिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।इसके तहत छोटे उद्योगों, स्टार्टअप, तकनीकी कंपनियों और नवाचार आधारित उद्यमों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क ने इस बात पर सहमति जताई कि मजबूत और विविध आपूर्ति शृंखलाएं वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक हैं।भारत और पोलैंड ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था। अब वर्ष 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य इस साझेदारी को आर्थिक रूप से और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।