LeT प्रमुख के बेटे से मुलाक़ात के बाद PM सलाहकार की शहबाज़ शरीफ़ से बैठक
पाकिस्तान में सुरक्षा और राजनीति: LeT प्रमुख के बेटे और PM सलाहकार की अहम बैठक
New Delhi: एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पाकिस्तान के इस दावे पर नए और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि वह आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने बुधवार को प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की।
यह बैठक सनाउल्लाह और हाफिज तलहा सईद के बीच हुई मुलाकात को लेकर उठे भारी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विवाद के ठीक बाद हुई। हाफिज तलहा सईद, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है।
तलहा सईद के साथ तस्वीरें
इस स्थिति से बनी छवि ने दुनिया भर में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। ठीक एक दिन पहले, फैसलाबाद में एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान सनाउल्लाह को मंच पर तलहा सईद का खुले तौर पर अभिवादन करते और उनसे हाथ मिलाते हुए तस्वीरों में देखा गया था।
तलहा सईद सिर्फ हाफिज सईद का बेटा ही नहीं है, बल्कि वह प्रतिबंधित संगठन LeT के ढांचे के भीतर एक वरिष्ठ कमांडर भी है। इसके अलावा, उसे भारत के 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है, क्योंकि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकी गतिविधियों को संचालित करने में शामिल रहा है।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली मुलाकात
यह मुलाकात मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के समापन के बाद से, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के शीर्ष अधिकारियों और लश्कर के नेतृत्व के बीच पहला सार्वजनिक और प्रत्यक्ष संपर्क है। 'ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ 88 घंटे का एक तीव्र सैन्य संघर्ष था, जिसके दौरान भारत ने पाकिस्तान के अंदर स्थित नौ प्रमुख आतंकी लॉन्चपैड पर सटीक मिसाइल हमले किए थे।
अमेरिकी कांग्रेस ने क्या चिंता जताई थी?
सनाउल्लाह और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुई यह बैठक एक अत्यंत संवेदनशील कूटनीतिक मोड़ पर हुई है। कुछ महीने पहले ही, अमेरिकी कांग्रेस की अनुसंधान सेवा (CRS) की एक रिपोर्ट में आतंकवाद-रोधी उपायों के पालन के मामले में इस्लामाबाद की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।