ऑस्‍ट्रेलिया के एक एलीट प्राइवेट गर्ल्स स्‍कूल में कुछ छात्राएं 2 हाथ और 2 पैर का इस्तेमाल कर (चौपाए जानवर की तरह) चल रही हैं. वहीं उनके यूनिफॉर्म में पूंछ के लिए भी छेद कर दिया गया है. छात्राएं एक-दूसरे की पहचान बिल्‍ली और लोमड़ी के तौर पर कर रही हैं. स्‍कूल में छात्राओं के इस तरह के व्यवहार को लेकर पैरेंट्स ने चिंता जताई है.

डेली मेल के मुताबिक, ये मामला ऑस्‍ट्रेलिया के ब्रिस्‍बेन गर्ल्‍स ग्रामर स्‍कूल का है. इस स्कूल में 7वीं से 12वीं क्लास की पढ़ाई होती है. यहां की कुछ छात्राएं मान रही हैं कि वे जानवर हैं, वहीं उनके साथी भी उनके जानवरों वाले नाम से संबोधित कर रहे हैं. लड़कियां यहां दोनों हाथ और दोनों पैर के सहारे चलती हुई दिखाई दी हैं.

एक पैरेंट ने बताया कि जब एक लड़की एक खाली डेस्‍क पर बैठी थी तो एक दूसरी लड़की चिल्ला पड़ी. उसने कहा कि तुम मेरी पूंछ पर बैठ गई हो. इस अजीबोगरीब ट्रेंड पर मां-बाप चिंतित हैं. वहीं गर्ल्‍स ग्रामर स्‍कूल के प्रवक्‍ता ने इन सारे आरोपों को नकार दिया है. ब्रिस्‍बेन की मनोचिकित्‍सक ज्‍यूडिथ लोके ने कहा कि वह इस तरह के ट्रेंड के बारे में सुनकर हैरान नहीं हुई हैं. उन्‍होंने कहा कि ये बस कुछ समय की बात थी कि लोग खुद को जानवर की तरह आइडेंटिफाई करना शुरू कर दें. क्योंकि लोग पहले से फिल्‍म, टेलीविजन और असल लाइफ में जानवरों को काफी रोमांटिसाइज करते आ रहे हैं.

डॉ लोके ने कहा कि अगर किसी छात्रा के व्‍यवहार से उसके स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ता है, या क्‍लासरूम लर्निंग पर बुरा असर होता है तो इसका हल निकाला जाना चाहिए. वहीं मनोचिकित्‍सक माइकल कार ग्रेग ने बताया कि उनके सामने इस तरह का मामला 25 साल की प्रैक्टिस में केवल एक बार सामने आया है. जहां एक शख्‍स ने खुद की पहचान जानवर के तौर पर बताई थी, वह शख्‍स एक लड़का था. उसने खुद को कुत्‍ता बताया था. लेकिन जब उसका स्‍ट्रेस दूर हुआ तो वह नवयुवक अपनी पहले की नॉर्मल जिंदगी में वापस लौट गया. 


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