पाकिस्तानी दफ्तरों में छाया अंधेरा, बिजली कटौती से हाहाकार

Update: 2026-07-17 12:47 GMT

पाकिस्तान: इन दिनों आर्थिक संकट, महंगाई, खाद्य और जल संकट जैसी कई समस्याओं से जूझ रहा है। इसी बीच देश के सामने अब एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बिजली संकट ने सरकारी कामकाज को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शिक्षा विभाग के कई बड़े कार्यालय पिछले करीब तीन हफ्तों से बिजली कटौती की समस्या से परेशान हैं। बिजली नहीं होने के कारण ऑनलाइन सेवाएं, प्रशासनिक कार्य और जनता से जुड़े जरूरी काम लगभग ठप हो गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध प्रांत के शिक्षा विभाग के कई प्रमुख कार्यालय बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। इनमें डायरेक्टोरेट जनरल कॉलेजेस सिंध, रीजनल डायरेक्टोरेट गवर्नमेंट कॉलेजेस सिंध और रीजनल डायरेक्टोरेट प्राइवेट स्कूल्स कराची जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय शामिल हैं। इन कार्यालयों में बिजली कटौती के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है और आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने बिजली के सभी बिलों का भुगतान कर दिया है, इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली कंपनी के-इलेक्ट्रिक की ओर से लगातार कटौती की जा रही है, जिससे सरकारी संस्थानों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर डिजिटल और ऑनलाइन सेवाओं पर पड़ा है। कार्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट कनेक्शन और प्रिंटिंग मशीनें बिजली के अभाव में बंद पड़ी हैं। इसके कारण निजी स्कूलों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, छात्रों के प्रमाण पत्र जारी करने, सरकारी कॉलेजों में दाखिले से जुड़े काम और जनता की शिकायतों के समाधान जैसी सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

अधिकारियों के अनुसार, आठ घंटे की कार्यालय शिफ्ट में कर्मचारियों को केवल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कई बार सुबह कुछ घंटे बिजली आने के बाद दोपहर और शाम के समय लंबी कटौती हो जाती है। इससे कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली कटौती के कारण गर्मी और उमस से भी हालात खराब हो गए हैं। दफ्तरों में पंखे और एसी बंद होने से कर्मचारियों के लिए अंदर बैठकर काम करना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारी मजबूरी में कार्यालय के बाहर खुले स्थान पर बैठकर काम करने को मजबूर हैं। वहीं, जरूरी कामों के लिए पहुंचने वाले छात्र, अभिभावक, शिक्षक और स्कूल संचालक घंटों इंतजार करने के बाद भी बिना काम कराए वापस लौट रहे हैं।

सिंध शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बिजली कंपनी से समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर बिल भुगतान के बावजूद सरकारी कार्यालयों की बिजली काटना गंभीर समस्या है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर जनता से जुड़ी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में महंगाई, बेरोजगारी और ऊर्जा संकट लंबे समय से बड़ी चुनौती बने हुए हैं। बिजली उत्पादन और वितरण व्यवस्था को लेकर पाकिस्तान में लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।

सिंध के शिक्षा विभाग के कार्यालयों में जारी बिजली संकट ने पाकिस्तान की कमजोर बुनियादी व्यवस्थाओं को एक बार फिर उजागर किया है। जहां सरकारी विभागों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, वहीं बिजली की कमी के कारण जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

फिलहाल सिंध के शिक्षा विभाग के अधिकारी बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों से जुड़ी कई सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित हो सकती हैं। यह मामला पाकिस्तान के सामने मौजूद ऊर्जा संकट की गंभीर स्थिति को दिखाता है।

Tags:    

Similar News