वाशिंगटन: ओहियो के गवर्नर पद की दौड़ के लिए हुए दो नए सर्वे में भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी, डेमोक्रेट एमी एक्टन से पीछे चल रहे हैं। इन सर्वे से पता चलता है कि रामास्वामी के कैंपेन का वह विज्ञापन - जिसमें एक्टन की उनसे अलग रह रहीं माँ को दिखाया गया था - मतदाताओं को अपनी ओर खींचने में नाकाम रहा है।
बुधवार को जारी सफ़ोक यूनिवर्सिटी/USA टुडे नेटवर्क ओहियो पोल के अनुसार, एक्टन को 48% और रामास्वामी को 44% समर्थन मिल रहा है। वहीं, लिबर्टेरियन उम्मीदवार डॉन किसिक को 4% समर्थन मिला है, जबकि 3% मतदाता अभी भी तय नहीं कर पाए हैं कि वे किसे वोट देंगे। सितंबर में हुए इसी तरह के एक सर्वे में एक्टन 50% के साथ रामास्वामी (41%) से आगे थीं।
सफ़ोक के अनुसार, संभावित मतदाताओं में से 72% ने कहा कि उन्होंने यह विज्ञापन देखा या सुना है, लेकिन 1% से भी कम लोगों ने कहा कि इस विज्ञापन की वजह से उन्होंने एक्टन को छोड़कर रामास्वामी को समर्थन देने का फैसला किया। विज्ञापन के बारे में जानने वाले 2% लोगों ने कहा कि वे विज्ञापन आने से पहले रामास्वामी का समर्थन करते थे, लेकिन अब वे एक्टन का समर्थन कर रहे हैं।
संभावित मतदाताओं में से 50% का मानना है कि रामास्वामी ने अधिक नकारात्मक प्रचार (नेगेटिव कैंपेन) चलाया है, जबकि 15% लोगों ने ऐसा एक्टन के बारे में कहा। जिन मतदाताओं ने यह विज्ञापन देखा था, उनके बीच यह अंतर और भी बढ़ गया - 59% लोगों ने रामास्वामी के प्रचार को नकारात्मक माना, जबकि एक्टन के लिए यह आंकड़ा 13% रहा।
पोर्टेज काउंटी में, जिसे सफ़ोक एक अहम संकेतक (बेलवेदर) मानता है, दोनों उम्मीदवार 47% के साथ बराबरी पर हैं।
एक अन्य निजी सर्वे - जिसे एक अज्ञात रिपब्लिकन समूह ने करवाया था और जो 'एक्सिओस' (Axios) को मिला है - उसमें यह अंतर और भी बड़ा दिखा। 23 से 26 अक्टूबर के बीच 800 संभावित मतदाताओं के बीच किए गए इस आंतरिक सर्वे में एक्टन को 50% और रामास्वामी को 42% समर्थन मिला। इसी सर्वे में महीने की शुरुआत में एक्टन, रामास्वामी से 47% बनाम 45% के साथ केवल 2% अंकों से आगे थीं। इस सर्वे में त्रुटि की संभावना (मार्जिन ऑफ एरर) 3.46 प्रतिशत अंक है।
'एक्सिओस' के अनुसार, इस आंतरिक सर्वे के साथ लगे एक मेमो में कहा गया है कि यह विज्ञापन "गवर्नर पद की दौड़ पर काफी असर डाल रहा है।" सर्वे में शामिल 86 प्रतिशत लोगों ने इसके बारे में कुछ न कुछ देखा, पढ़ा या सुना था। इनमें से जो लोग इस मामले से वाकिफ थे, उनमें से 2-बनाम-1 के अनुपात में लोगों ने कहा कि इससे उनके लिए एक्टन को वोट देने की संभावना बढ़ गई है।
एक्सिओस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, इस कैंपेन ने पूरे राज्य में विज्ञापन दिखाने के लिए 4 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं। कैंपेन से जुड़े एक सूत्र ने एक्सिओस को बताया, "उम्मीदवार खुद ही ऐसा करने पर जोर दे रहे हैं।" रामास्वामी के कैंपेन के एक प्रतिनिधि ने एक्सिओस को इस पर कोई टिप्पणी देने से इनकार कर दिया।
रामास्वामी ने इस विज्ञापन का बचाव करते हुए तर्क दिया कि एक्टन ने अपने अतीत को गलत तरीके से पेश किया है।
चुनाव प्रचार के दौरान, उन्होंने आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है। गुरुवार को उन्होंने 'पहले दिन के कार्यकारी आदेश' (Day 1 executive order) की घोषणा की, जो प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ा है। उन्होंने 'X' (ट्विटर) पर लिखा, "आज सुबह मैंने अपने 'पहले दिन के कार्यकारी आदेश' की घोषणा की है। इसके तहत उन इलाकों की जांच की जाएगी जहां महामारी के बाद से प्रॉपर्टी टैक्स दोगुना हो गया है, ताकि जनता को वह पारदर्शिता मिल सके जिसकी वे हकदार हैं।"
उन्होंने एक्टन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह "ऐसी उम्मीदवार हैं जो अपने कार्यक्रमों में रिकॉर्डिंग पर रोक लगाती हैं और बहस करने से इनकार करती हैं।"
गुरुवार को 'फिफ्टीप्लसवन' (FiftyPlusOne) पोलिंग के औसत के अनुसार, एक्टन 48.2 प्रतिशत और रामास्वामी 45.2 प्रतिशत पर थे।
केरल से आए प्रवासियों के बेटे रामास्वामी, अगर 3 नवंबर को चुने जाते हैं, तो वे ओहियो के पहले भारतीय-अमेरिकी गवर्नर होंगे।