वाशिंगटन। अमेरिका की दिग्गज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेनसन हुआंग एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की तीन महत्वपूर्ण समितियों के रिपब्लिकन अध्यक्षों ने कथित चीनी जासूसी नेटवर्क से जुड़े संपर्कों को लेकर हुआंग से जानकारी मांगी है। सांसदों ने उन्हें 18 नवंबर 2026 को संयुक्त रूप से आयोजित बंद कमरे की ब्रीफिंग में शामिल होने का अनुरोध किया है। इस मामले ने अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा, उन्नत एआई तकनीक और चीन के साथ कारोबारी संबंधों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सांसदों ने 4 नवंबर को जेनसन हुआंग को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में हाल में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए सिंगापुर स्थित कंपनी मेगास्पीड इंटरनेशनल (Megaspeed International) की अधिकारी एलिस हुआंग के साथ उनके संपर्कों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।मीडिया रिपोर्ट में एलिस हुआंग पर चीन के लिए खुफिया जानकारी उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, ये आरोप अभी सार्वजनिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं। यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि अमेरिकी सांसदों का पत्र जेनसन हुआंग द्वारा किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है।जानकारी के मुताबिक, पत्र भेजने वाले सांसदों में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट, चीन संबंधी विशेष समिति के अध्यक्ष जॉन मूलनार और खुफिया मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष रिक क्रॉफर्ड शामिल हैं।
तीनों सांसदों ने एनवीडिया के सीईओ से अनुरोध किया है कि वह संबंधित महिला अधिकारी के साथ अपने संपर्कों और कंपनी की सुरक्षा प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दें। सांसद यह समझना चाहते हैं कि एनवीडिया विदेशी जासूसी गतिविधियों से अपनी संवेदनशील तकनीक और कारोबारी सूचनाओं की सुरक्षा किस प्रकार करती है।इस विवाद की शुरुआत अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के बाद हुई। रिपोर्ट में अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के आकलन का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि जेनसन हुआंग कथित तौर पर एक चीनी खुफिया अभियान का निशाना बने थे।रिपोर्ट के अनुसार, एलिस हुआंग ने एनवीडिया के प्रमुख के साथ करीबी कारोबारी संपर्क विकसित किए थे। यह भी आरोप लगाया गया कि वह चीन के अधिकारियों को जानकारी पहुंचा रही थीं। हालांकि, सार्वजनिक जानकारी से यह स्थापित नहीं होता कि जेनसन हुआंग ने जानबूझकर किसी संवेदनशील या गोपनीय सूचना को साझा किया था।इस मामले में मेगास्पीड इंटरनेशनल का नाम आने से विवाद और गंभीर हो गया है। कंपनी सिंगापुर से जुड़ी है और डेटा सेंटर क्षेत्र में कारोबार करती है। एआई चिप की वैश्विक आपूर्ति में एनवीडिया की प्रमुख भूमिका होने के कारण उसके कारोबारी संपर्क अमेरिकी नीति निर्माताओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।एनवीडिया के चिप अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल, डेटा सेंटर और उच्च प्रदर्शन वाली कंप्यूटिंग प्रणालियों में उपयोग किए जाते हैं। यही कारण है कि अमेरिका इन तकनीकों के निर्यात को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानता है।चीन और अमेरिका के बीच एआई तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। दोनों देश उन्नत सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर क्षमता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तकनीकी बढ़त हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।अमेरिकी सरकार पहले से ही अत्याधुनिक चिप और संबंधित तकनीकों के चीन निर्यात को लेकर विभिन्न नियंत्रण लागू करती रही है। ऐसे माहौल में एनवीडिया जैसी कंपनी के शीर्ष अधिकारी के विदेशी कारोबारी संपर्कों पर उठे सवालों को राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से गंभीरता से देखा जा रहा है।
हालांकि, एनवीडिया ने मीडिया में सामने आए आरोपों के संदर्भ में अपने सीईओ के कारोबारी संपर्कों का बचाव किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि जेनसन हुआंग हर साल हजारों ग्राहक कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत करते हैं। इसलिए किसी ग्राहक कंपनी के अधिकारी से मुलाकात होना सामान्य कारोबारी गतिविधि का हिस्सा है।कंपनी ने यह भी कहा कि उसे अमेरिकी सरकार की ओर से चिंताजनक व्यक्तियों और संस्थाओं के बारे में समय-समय पर जानकारी मिलती रहती है और वह उसके अनुसार कदम उठाती है। एनवीडिया ने भरोसा जताया कि यदि अमेरिकी सरकार को किसी व्यक्ति से अमेरिकी उद्योग के लिए खतरा महसूस होता है, तो वह कंपनी को इसकी सूचना देगी।दूसरी ओर चीन ने भी संबंधित जासूसी आरोपों को खारिज किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मीडिया में सामने आए दावों को निराधार बताया था। इस प्रकार मामले में अमेरिकी खुफिया आकलन से जुड़ी रिपोर्ट, कंपनी की प्रतिक्रिया और चीन के आधिकारिक रुख के बीच स्पष्ट मतभेद दिखाई दे रहे हैं।विवाद में एक महत्वपूर्ण पहलू एनवीडिया की चिप बिक्री से भी जुड़ा है। अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने 29 अक्टूबर को जारी बयान में दावा किया था कि जेनसन हुआंग के कथित जासूसी अभियान का निशाना बनने संबंधी खबरों के अलावा मेगास्पीड को कम से कम 4.8 अरब डॉलर मूल्य के उन्नत एआई चिप बेचे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
वॉरेन ने इन रिपोर्टों को गंभीर बताते हुए एनवीडिया के नेतृत्व और निदेशक मंडल से कांग्रेस को जवाब देने की मांग की थी। हालांकि, यह आंकड़ा उनके बयान में रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तुत किया गया था और इसे किसी अवैध बिक्री के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।इस घटनाक्रम ने अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था में तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। सांसदों की मुख्य चिंता यह है कि उन्नत एआई तकनीक, कारोबारी सूचनाएं या संवेदनशील जानकारी किसी विदेशी खुफिया नेटवर्क के हाथों तक न पहुंचे।विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर काम करने वाली तकनीकी कंपनियों के लिए विदेशी ग्राहकों से संबंध बनाए रखना आवश्यक है। लेकिन जब किसी कंपनी की तकनीक रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो, तब उसके सुरक्षा मानकों की जांच भी अधिक संवेदनशील हो जाती है।फिलहाल अमेरिकी सांसदों ने 18 नवंबर को बंद कमरे में ब्रीफिंग का अनुरोध किया है। ऐसी बैठक में सार्वजनिक सुनवाई की तुलना में संवेदनशील जानकारी पर अधिक विस्तार से चर्चा की जा सकती है।हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक में किन दस्तावेजों और सूचनाओं की मांग की जाएगी तथा जेनसन हुआंग की ओर से क्या विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी सामने आई जानकारी में जेनसन हुआंग के खिलाफ जासूसी में शामिल होने का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। सांसद उनके कथित संपर्कों और एनवीडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं को समझना चाहते हैंअब 18 नवंबर की प्रस्तावित ब्रीफिंग पर अमेरिकी तकनीकी उद्योग और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। इस बैठक से यह स्पष्ट हो सकता है कि सांसदों की चिंताओं के समाधान के लिए कंपनी को अतिरिक्त जानकारी देनी होगी या आगे किसी औपचारिक जांच की आवश्यकता सामने आएगी।
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