नई दिल्ली: नॉर्थ कोरिया ने रविवार को एक नए हथियार सिस्टम का परीक्षण किया। सरकारी एजेंसी KCNA की जारी तस्वीरों में ह्वासोंग-11Ma हाइपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट दिखाई दिया। नॉर्थ कोरियाई नेता किम जोंग उन अपनी बेटी के साथ परीक्षण देखने पहुंचे। दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, पूर्वी तट के वॉनसान इलाके से दो कम दूरी की मिसाइलें दागी गईं, जो समुद्र में करीब 450 और 600 किलोमीटर तक गईं। जापान ने बताया कि दोनों मिसाइलें उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी EEZ से बाहर गिरीं।
नॉर्थ कोरिया के नए हथियार सिस्टम का परीक्षण
नॉर्थ कोरिया की सरकारी एजेंसी KCNA ने मिसाइल परीक्षण से जुड़ी कई तस्वीरें जारी की हैं। इनमें किम जोंग उन अपनी बेटी के साथ मिसाइल टेस्ट की निगरानी करते नजर आए।
तस्वीरों में किम एक निगरानी स्क्रीन देखते दिखाई दिए। इस स्क्रीन पर ह्वासोंग-11Ma का नाम लिखा था। किम ने कहा कि इस हथियार का विकास देश की युद्ध तैयारियों को मजबूत करेगा और दुश्मनों के लिए ‘लाइलाज सिरदर्द’ पैदा करेगा। हालांकि, परीक्षण के दौरान किम ने नए हथियार सिस्टम का नाम नहीं बताया।
दो मिसाइलें समुद्र में गईं 450 और 600 किमी
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, नॉर्थ कोरिया ने वॉनसान इलाके से करीब तीन घंटे के अंतराल में दो कम दूरी की मिसाइलें दागीं।
सेना के मुताबिक, दोनों मिसाइलें समुद्र में करीब 450 और 600 किलोमीटर तक गईं। जापान की सेना ने कहा कि दोनों मिसाइलें उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी EEZ के बाहर समुद्र में गिरीं। KCNA की तस्वीरों में ट्रकों से दो मिसाइलें लॉन्च होती दिखाई गईं। मिसाइलों के आगे शंकु जैसी आकृति और पंखनुमा हिस्से नजर आए।
हाइपरसोनिक मिसाइलों को ट्रैक करना मुश्किल
हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार आवाज की गति से पांच गुना से ज्यादा हो सकती है। यह करीब 6,000 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे ज्यादा बताई जाती है।
इन हथियारों की खासियत केवल तेज रफ्तार नहीं है। उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता भी इन्हें अलग बनाती है। तेज गति और बदलते रास्ते के कारण इन्हें रडार से ट्रैक करना और मिसाइल डिफेंस सिस्टम से रोकना मुश्किल हो सकता है।
हालांकि, नॉर्थ कोरिया के हाइपरसोनिक मिसाइलों से जुड़े दावों पर विशेषज्ञ सवाल उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि परीक्षण के दौरान मिसाइलें लगातार दावे की गई रफ्तार पर बनी रहीं या नहीं।
नॉर्थ कोरिया अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा .....
नॉर्थ कोरिया लगातार मिसाइल और परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। दिए गए SIPRI के 2026 के अनुमान के मुताबिक, उसके पास करीब 60 परमाणु हथियार हैं। इसके अलावा उसके पास इतना फिसाइल मैटेरियल है, जिससे करीब 30 और हथियार बनाए जा सकते हैं।
नॉर्थ कोरिया के मिसाइल बेड़े में कम दूरी की मिसाइलों से लेकर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल यानी ICBM तक शामिल हैं। ह्वासोंग-17 और ह्वासोंग-18 की रेंज 15 हजार किलोमीटर से ज्यादा बताई जाती है। वहीं KN-23 और KN-25 जैसी कम दूरी की मिसाइलों को दक्षिण कोरिया और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के लिए खतरा माना जाता है।
मिसाइलों के साथ दूसरे सैन्य सिस्टम पर भी काम
नॉर्थ कोरिया केवल मिसाइल कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। दिए गए विवरण के अनुसार प्योंगयांग नए युद्धपोत और दूसरे सैन्य सिस्टम भी विकसित कर रहा है। इस बीच नए हथियार सिस्टम का परीक्षण किए जाने से नॉर्थ कोरिया की सैन्य गतिविधियों को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।
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