सोल: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने सैन्य नेतृत्व में फेरबदल किया है। उन्होंने किम सोंग-गी को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। बदलाव की टाइमिंग अहम है। इस वक्त प्योंगयांग अपने सैन्य आधुनिकीकरण अभियान को तेज करने और सेना में अनुशासन मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए की रिपोर्ट का हवाला देते हुए योनहाप ने रविवार को बताया कि किम सोंग-गी को कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के निदेशक पद से रक्षा मंत्री बनाया गया है। उन्होंने नो क्वांग-चोल की जगह ली है।
नो क्वांग-चोल को रक्षा मंत्री के पद से हटाने के साथ ही वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय नेतृत्व संरचना से भी बाहर कर दिया गया है। उन्हें पार्टी की केंद्रीय समिति के म्युनिशंस इंडस्ट्री डिपार्टमेंट का पहला उप-निदेशक नियुक्त किया गया है।
यह फेरबदल शनिवार को हुई वर्कर्स पार्टी की नौवीं केंद्रीय सैन्य आयोग की दूसरी बैठक में किया गया। बैठक का मार्गदर्शन किम जोंग-उन ने किया। किम सोंग-गी की नियुक्ति को उत्तर कोरिया की सैन्य व्यवस्था में राजनीतिक नियंत्रण और अनुशासन को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो सेना के भीतर राजनीतिक और वैचारिक नियंत्रण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उत्तर कोरिया हाल के वर्षों में अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर भी लगातार जोर देता रहा है। ऐसे में रक्षा मंत्रालय की कमान एक ऐसे अधिकारी को सौंपना, जिसका अनुभव सेना के राजनीतिक ढांचे में रहा है, प्योंगयांग की सैन्य प्राथमिकताओं के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देता है।
यह बदलाव कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुआ है। दक्षिण कोरिया के अनुसार, उत्तर कोरिया रूस के साथ अपने सैन्य सहयोग को भी लगातार मजबूत कर रहा है। हालिया आकलनों में प्योंगयांग द्वारा रूस को हथियार और सैन्य सहायता उपलब्ध कराने तथा भविष्य में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारियों की बात सामने आई है।
इसी बीच उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का भी विरोध किया है। प्योंगयांग ने हाल में अमेरिका की ओर से दक्षिण कोरिया को 125 मिलियन डॉलर के हथियार सौदे को अपनी सुरक्षा के लिए नया खतरा बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी थी।
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान भी सितंबर में संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे माहौल में उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन को क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, उत्तर कोरिया ने नो क्वांग-चोल को रक्षा मंत्री पद से हटाए जाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। प्योंगयांग की निर्णय प्रक्रिया की सीमित पारदर्शिता के कारण किम सोंग-गी की नियुक्ति के पीछे की सटीक रणनीतिक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
फिर भी, सैन्य आधुनिकीकरण, सेना में अनुशासन और राजनीतिक नियंत्रण को लेकर किम जोंग-उन के बढ़ते जोर के बीच यह फेरबदल उत्तर कोरिया की रक्षा नीति में आने वाले बदलावों पर नजर रखने के लिए अहम माना जा रहा है। यह कॉपी साउथ कोरिया के कैबिनेट फेरबदल वाली खबर के साथ एक मजबूत कोरियाई प्रायद्वीप पैकेज के रूप में भी इस्तेमाल की जा सकती है।
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