नई दिल्ली: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के पूर्व प्रमुख मोहम्मद यूनुस को न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर कुछ लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उन पर बांग्लादेश में हिंसा, मौतों और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद यूनुस और उनकी सहयोगी लामिया मोर्शेद को एयरपोर्ट के अंदर ले जाया गया। बांग्लादेश सरकार के एक सलाहकार ने विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है, लेकिन कार्रवाई के लिए लागू होने वाले कानून की जानकारी नहीं दी।
बांग्लादेश: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के पूर्व प्रमुख मोहम्मद यूनुस को अमेरिका के न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा। वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने यूनुस को निशाना बनाते हुए उन्हें आतंकवादी कहा तथा बांग्लादेश लौटने के लिए कहा।
विरोध करने वालों ने आरोप लगाया कि यूनुस के कार्यकाल में बांग्लादेश में लोगों की हत्याएं हुईं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग यूनुस से सवाल करते और उनके खिलाफ नारे लगाते दिखाई देते हैं। स्थिति को देखते हुए यूनुस और उनकी सहयोगी लामिया मोर्शेद को वहां से निकालकर एयरपोर्ट के अंदर वापस ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने हजारों पुलिसकर्मियों की मौत का लगाया आरोप
एयरपोर्ट पर विरोध कर रहे लोगों ने यूनुस के कार्यकाल को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि बांग्लादेश में हजारों पुलिसकर्मियों की मौत के लिए यूनुस जिम्मेदार हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि देश में करीब दो लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, विरोध करने वाले लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बांग्लादेश के एक मीडिया संस्थान ने प्रदर्शनकारियों को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का समर्थक बताया है। इस तरह, एयरपोर्ट पर हुआ विरोध बांग्लादेश की पिछली अंतरिम सरकार के कार्यकाल और उस दौरान हुई घटनाओं को लेकर उठ रहे सवालों से जुड़ा दिखाई देता है।
बांग्लादेश सरकार के सलाहकार बोले- विरोध करने वालों पर होगी कार्रवाई
इस घटना के बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर मोहम्मद यूनुस को घेरने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जाहेद ने इस घटना को ‘अवामी लीग का आतंक’ बताया। उन्होंने विदेशों में रहने वाले अवामी लीग के सदस्यों को चेतावनी भी दी कि अगर वे इस तरह की गतिविधियों में शामिल हुए, तो उन्हें भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यूनुस के कार्यकाल में हिंसा और गिरफ्तारियों पर उठे सवाल
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला था। उन्होंने 8 अगस्त 2024 को चीफ एडवाइजर के पद की शपथ ली थी।
उनके कार्यकाल के दौरान देश में हिंसा, गिरफ्तारियों और हिरासत में मौतों को लेकर सवाल उठते रहे। खबर के मुताबिक, इस दौरान हिंदू समुदाय के लोगों और उनके धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आईं।
अवामी लीग ने आरोप लगाया था कि यूनुस सरकार उसके नेताओं और समर्थकों को निशाना बना रही है। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने हिंसा और हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
इन घटनाओं और आरोपों को लेकर बांग्लादेश की राजनीति में विवाद बना रहा। हालांकि, अलग-अलग मामलों में लगाए गए आरोपों और उनकी पुष्टि के बीच अंतर करना जरूरी है।
करीब डेढ़ साल तक अंतरिम सरकार के प्रमुख रहे यूनुस
शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने करीब डेढ़ साल तक अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में पूर्व प्रधानमंत्री हसीना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हुई। खबर के मुताबिक, वर्ष 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष ट्रिब्यूनल ने हसीना की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाया और उन्हें मौत की सजा सुनाई। यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध भी लगाया था। इसके अलावा, भारत में रह रहीं शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजने की मांग की गई थी।
न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर यूनुस के खिलाफ हुआ विरोध ऐसे समय में सामने आया है, जब उनके कार्यकाल से जुड़ी हिंसा, गिरफ्तारियों और राजनीतिक फैसलों को लेकर विवाद जारी है। फिलहाल, एयरपोर्ट पर हुए घटनाक्रम को लेकर बांग्लादेश सरकार के सलाहकार ने कार्रवाई की बात कही है, लेकिन आगे की कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
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