World वर्ल्ड: ब्रसेल्स में शुक्रवार को जर्मनी और ब्रिटेन ने रूस को स्पष्ट संदेश दिया कि यूक्रेन को पश्चिमी देशों से निरंतर सैन्य सहायता मिलती रहेगी। अमेरिका के पीछे हटने के बाद इन दोनों यूरोपीय देशों ने पहली बार यूक्रेन को सैन्य सहयोग देने वाले लगभग 50 देशों के 'रामस्टीन ग्रुप' की बैठक की संयुक्त अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि रूस की आक्रामकता को देखते हुए फिलहाल शांति की कोई संभावना नहीं दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को हमारी संयुक्त सैन्य सहायता मिलती रहेगी और रूस को समझना होगा कि यूक्रेन लड़ाई जारी रखने में सक्षम है।