नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच स्थानीय तथा राज्य स्तर पर सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के सात शहरों के मेयरों का एक प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर पहुंचा है। वॉशिंगटन राज्य की सीनेटर टीना ओरवॉल के नेतृत्व में आया यह प्रतिनिधिमंडल 11 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक भारत के विभिन्न शहरों का दौरा करेगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाना और दीर्घकालिक साझेदारी के नए अवसर तलाशना है।सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, वॉशिंगटन राज्य के मेयरों का यह पहला संयुक्त आधिकारिक भारत दौरा है। प्रतिनिधिमंडल में कुल 12 सदस्य शामिल हैं, जो नई दिल्ली, भुवनेश्वर और मुंबई की यात्रा करेंगे। इस दौरान भारतीय अधिकारियों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद करने की योजना है।
सात अमेरिकी शहरों के मेयर प्रतिनिधिमंडल में शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में वॉशिंगटन राज्य के केंट, टुकविला, इस्साक्वा, मुकिल्टियो, ड्यूपॉन्ट, यूनिवर्सिटी प्लेस और सी-टैक शहरों के मेयर शामिल हैं।इनमें केंट की मेयर डाना राल्फ, टुकविला के मेयर थॉमस मैकलियोड, इस्साक्वा के मेयर मार्क मुललेट, मुकिल्टियो के मेयर जोसेफ मरीन, ड्यूपॉन्ट के मेयर रोनाल्ड फ्रेडरिक, यूनिवर्सिटी प्लेस के मेयर स्टेनली फ्लेमिंग और सी-टैक के मेयर मोहम्मद एगल शामिल हैं।इनके अलावा विभिन्न नगर परिषदों के प्रतिनिधि और आर्थिक विकास से जुड़े अधिकारी भी इस यात्रा का हिस्सा हैं।इस दल का नेतृत्व वॉशिंगटन राज्य की सीनेटर टीना ओरवॉल कर रही हैं।
भारत आना हमारे लिए सम्मान की बात: टीना ओरवॉल
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सीनेटर टीना ओरवॉल ने भारत यात्रा को अपने लिए सम्मान की बात बताया।उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल इस दौरे को लेकर उत्साहित है और भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को देख रहा है।ओरवॉल के अनुसार, यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य भारतीय संस्कृति, कला, इतिहास और मूल्यों को करीब से समझना है।उन्होंने कहा कि भारत के साथ स्थानीय और राज्य स्तर पर संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई अवसर मौजूद हैं। प्रतिनिधिमंडल इन संभावनाओं को बेहतर तरीके से समझने का प्रयास करेगा।
दिल्ली, भुवनेश्वर और मुंबई का करेंगे दौरा
भारतीय महावाणिज्य दूतावास की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने 11 अक्टूबर को सिएटल से अपनी यात्रा शुरू की थी।इसके बाद दल का कार्यक्रम नई दिल्ली, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई का दौरा करने का है।इन शहरों में सरकारी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों और सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ संपर्क स्थापित करने की योजना है।यात्रा का उद्देश्य भारत और वॉशिंगटन राज्य के बीच आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक अवसरों और पारस्परिक सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना है।
व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर
इस भारत दौरे में सांस्कृतिक संबंधों के साथ आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।वॉशिंगटन राज्य अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों में शामिल है। राज्य में तकनीक, व्यापार और उद्योग से संबंधित अनेक गतिविधियां संचालित होती हैं।प्रतिनिधिमंडल भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग की संभावनाओं को समझना चाहता है।इस तरह के दौरे स्थानीय प्रशासन और व्यावसायिक संस्थाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली तथा विकास संबंधी प्राथमिकताओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
भारतीय संस्कृति और इतिहास को जानने में रुचि
सीनेटर टीना ओरवॉल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भारत की संस्कृति, कला, इतिहास और सामाजिक मूल्यों के बारे में जानने के इच्छुक हैं।उनके अनुसार, भारत के साथ स्थायी संबंध विकसित करने के लिए केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समझ भी महत्वपूर्ण है।भारतीय परंपराओं और सामाजिक जीवन को करीब से समझने से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।
भारत-अमेरिका के स्थानीय संबंधों को मिलेगी मजबूती
सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का स्वागत करते हुए इसे भारत और वॉशिंगटन राज्य के बीच मजबूत संबंध विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।दूतावास ने उम्मीद जताई है कि यह दौरा सार्थक संवाद और स्थायी साझेदारियों को बढ़ावा देगा।प्रतिनिधिमंडल की यात्रा 18 अक्टूबर तक निर्धारित है। फिलहाल इस दौरे के दौरान किसी विशेष समझौते पर हस्ताक्षर होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इस यात्रा के माध्यम से दोनों पक्षों को सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापारिक सहयोग और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर संपर्क बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
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