वाशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने चीन की यात्रा करने वाले अपने नागरिकों के लिए नई चेतावनी जारी की है। 19 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने मुख्य भूमि चीन के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी में एक नई जोखिम श्रेणी 'D' को शामिल किया है। इस श्रेणी का मतलब है कि चीन में अमेरिकी नागरिकों को गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने का गंभीर खतरा हो सकता है। अमेरिकी सरकार ने चीन में रहने वाले और वहां यात्रा करने की योजना बना रहे अपने नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।'द एपोच टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि विभाग ने चीन में अमेरिकी नागरिकों को गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने के गंभीर जोखिम की पहचान की है। हालांकि चीन के लिए समग्र यात्रा चेतावनी अभी भी लेवल-2 पर बरकरार है, जिसका अर्थ है कि यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
दो अमेरिकी नागरिकों की हिरासत के बाद बढ़ी चिंता
अमेरिकी विदेश विभाग की नई चेतावनी ऐसे समय जारी की गई है, जब चीन में दो अमेरिकी नागरिकों मिन ज़िन और यूलिन चेन की हिरासत को लेकर विवाद चल रहा है। वाशिंगटन ने दोनों मामलों को गलत तरीके से हिरासत में रखे जाने की श्रेणी में शामिल किया है।अमेरिका का कहना है कि इन दोनों नागरिकों की हिरासत गंभीर चिंता का विषय है। वहीं चीन ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा और जासूसी से संबंधित आरोप लगाए हैं।अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि विदेशी नागरिकों के खिलाफ चीन की कानूनी कार्रवाई और देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
अकादमिक सम्मेलन में शामिल होने गए शोधकर्ता की गिरफ्तारी
म्यांमार से जुड़े मामलों का अध्ययन करने वाले अमेरिकी नागरिक मिन ज़िन को 3 जून 2026 को चीन के युन्नान प्रांत में हिरासत में लिया गया था।रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें चीनी अधिकारियों ने एक अकादमिक सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि चीन पहुंचने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।चीनी अधिकारियों ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने और जासूसी से संबंधित आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग ने अगस्त में उनकी हिरासत को गलत करार देते हुए रिहाई की मांग की थी।
दो वर्षों से हिरासत में अमेरिकी भूकंप वैज्ञानिक
दूसरा मामला अमेरिकी नागरिक और भूकंप वैज्ञानिक यूलिन चेन का है। उन्हें नवंबर 2024 में चीन में हिरासत में लिया गया था।चेन पर चीनी अधिकारियों ने जासूसी का आरोप लगाया है। हालांकि उनके परिवार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका वैज्ञानिक शोध सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित था।परिवार का दावा है कि शोध से जुड़ी जानकारी के लिए किसी विशेष सुरक्षा मंजूरी की आवश्यकता नहीं थी। मानवाधिकार समर्थकों ने भी उनकी हिरासत पर सवाल उठाए हैं।
सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों के प्रभावित होने का दावा
मानवाधिकार संगठन डुई हुआ फाउंडेशन के एक अनुमान के अनुसार, चीन में कम से कम 200 अमेरिकी नागरिक किसी न किसी प्रकार की हिरासत, देश छोड़ने पर प्रतिबंध या अन्य कानूनी पाबंदियों से प्रभावित हैं।हालांकि इस अनुमान में सभी व्यक्तियों को औपचारिक रूप से गलत तरीके से हिरासत में लिया गया घोषित नहीं किया गया है।अमेरिका ने अपनी एडवाइजरी में चेतावनी दी है कि चीन में कुछ लोगों को बिना स्पष्ट और पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया के देश छोड़ने से रोका जा सकता है। ऐसी पाबंदियों की जानकारी कई बार संबंधित व्यक्ति को चीन से बाहर निकलने का प्रयास करते समय मिलती है।
ट्रम्प प्रशासन ने रिहाई का संकल्प दोहराया
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन मिन ज़िन, यूलिन चेन और विदेशों में गलत तरीके से हिरासत में रखे गए अन्य अमेरिकी नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।इस बीच चीन ने अमेरिकी नागरिकों की हिरासत को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए अपनी कानूनी कार्रवाई को वैध बताया है।नई ट्रैवल एडवाइजरी के बाद चीन जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय कानूनों, संभावित हिरासत और देश छोड़ने संबंधी प्रतिबंधों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में जारी मतभेदों को भी उजागर करता है।
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