कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में बुधवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाओं ने कीव और यूक्रेन के कई अन्य क्षेत्रों में सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए “बड़े पैमाने का हमला” किया। मंत्रालय के मुताबिक इस कार्रवाई में जमीन, समुद्र और हवा से छोड़े जाने वाले उच्च-सटीकता वाले हथियारों के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।
रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि हमले में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां यूक्रेनी रक्षा कंपनी फायर पॉइंट की ओर से फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों और मध्यम तथा लंबी दूरी के ड्रोन का निर्माण और भंडारण किया जाता है। रूस ने कहा कि कीव के अलावा कीव क्षेत्र, चेर्निहाइव, किरोवोहराद, निप्रॉपेट्रोव्स्क, पोल्टावा और खार्किव क्षेत्रों में भी सैन्य-औद्योगिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
रूस ने ओडेसा क्षेत्र में बंदरगाह और जहाज मरम्मत से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी हमला करने का दावा किया। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार कुछ ऐसे जहाज भी निशाने पर थे, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी सशस्त्र बलों के हित में किया जा रहा था। हालांकि युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के सैन्य दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना अक्सर मुश्किल होता है।
दूसरी ओर यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि हमलों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि आवासीय इमारतें, औद्योगिक परिसर और बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार बुधवार के हमले में देशभर में कई लोगों की मौत हुई और अनेक लोग घायल हुए।
यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने इस हमले में 130 ड्रोन और 48 क्रूज मिसाइलें दागीं, जबकि बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया। यूक्रेनी वायु रक्षा इकाइयों ने बड़ी संख्या में हवाई लक्ष्यों को मार गिराने का दावा किया है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने करीब 70 मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया और हमले का एक प्रमुख निशाना देश का ऊर्जा बुनियादी ढांचा था। उन्होंने कहा कि ऊर्जा प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश जानबूझकर और व्यापक स्तर पर की गई।
जेलेंस्की ने एक बार फिर यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं और यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम तथा संबंधित उपकरणों की तत्काल आवश्यकता है।
कीव में रातभर कई विस्फोटों की आवाज सुनाई दी। खतरे की चेतावनी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मेट्रो स्टेशनों और अन्य सुरक्षित स्थानों में पहुंचे। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक राजधानी पर ड्रोन के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया।
हमले का गंभीर असर उत्तरी यूक्रेन के प्रिलुकी शहर में भी देखने को मिला। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार एक मिसाइल पांच मंजिला आवासीय इमारत से टकराई, जिससे लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।
पोल्टावा क्षेत्र में भी हमलों के कारण नुकसान की खबर है। वहीं निप्रो, खार्किव और अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक तथा परिवहन ढांचे को नुकसान पहुंचने की जानकारी यूक्रेनी अधिकारियों ने दी।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि रूस बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहा है। उन्होंने अपने सहयोगी देशों से यूक्रेन की रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए अतिरिक्त हथियार और वायु रक्षा सहायता देने की अपील की थी।
रूस का कहना है कि उसका मुख्य लक्ष्य यूक्रेन के सैन्य और सैन्य-औद्योगिक ढांचे को कमजोर करना है। वहीं यूक्रेन और उसके सहयोगी आरोप लगाते हैं कि रूसी हमलों के कारण नागरिक बुनियादी ढांचे और रिहायशी क्षेत्रों को भी भारी नुकसान हो रहा है।
फायर पॉइंट हाल के महीनों में यूक्रेन की स्वदेशी मिसाइल और ड्रोन उत्पादन क्षमता से जुड़ी प्रमुख रक्षा कंपनियों में शामिल रही है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने विशेष रूप से इस कंपनी से जुड़े निर्माण और भंडारण केंद्रों को निशाना बनाने का दावा किया है।
यूक्रेन अपने घरेलू रक्षा उत्पादन को लगातार बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। युद्ध लंबा खिंचने के साथ मिसाइल, ड्रोन और वायु रक्षा प्रणालियों का महत्व बढ़ गया है। दोनों पक्ष बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऊर्जा तथा सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है।
हाल के महीनों में रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा नेटवर्क पर हमले भी तेज हुए हैं। इसके कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ा है। यूक्रेन सर्दियों से पहले ऊर्जा ढांचे की मरम्मत और सुरक्षा मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
जेलेंस्की ने बुधवार के हमले के बाद कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को वायु रक्षा आपूर्ति में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से उन प्रणालियों की आवश्यकता बताई जो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम हों।
रूस और यूक्रेन दोनों की ओर से लगातार लंबी दूरी के हमले किए जा रहे हैं। यूक्रेन भी रूस के तेल रिफाइनरी, ईंधन और अन्य सैन्य-संबंधित ठिकानों पर ड्रोन हमले करता रहा है। इसके जवाब में रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा और रक्षा उत्पादन ढांचे पर हमले बढ़ाए हैं।
बुधवार की कार्रवाई से साफ है कि दोनों देशों के बीच युद्ध में मिसाइल और ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। जमीन पर जारी लड़ाई के साथ ही अब ऊर्जा, उद्योग, सैन्य उत्पादन और परिवहन नेटवर्क भी संघर्ष के प्रमुख लक्ष्य बने हुए हैं।
फिलहाल रूस ने अपने हमले को सैन्य-औद्योगिक ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया है, जबकि यूक्रेन ने कहा है कि ऊर्जा ढांचे और नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच हमलों से हुए वास्तविक सैन्य नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है।
बुधवार के इस बड़े हमले के बाद यूक्रेन में कई क्षेत्रों में बचाव और नुकसान के आकलन का काम जारी है। साथ ही कीव ने पश्चिमी सहयोगियों से वायु रक्षा सहायता बढ़ाने की मांग एक बार फिर तेज कर दी है।