इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि उनका देश सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सऊदी अरब के साथ सहयोग बढ़ा सकता है।
ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंताएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने मित्र देशों की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहयोग करने के लिए तैयार है।
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान किसी भी कदम को सोच-समझकर उठाएगा और उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना होगी। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भी पुराना है। ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान पहले भी विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा और सैन्य सहयोग करता रहा है। हालांकि, किसी भी सैन्य भूमिका को लेकर अंतिम फैसला परिस्थितियों और सरकार की नीतियों के अनुसार लिया जाएगा।
हूती विद्रोही यमन में लंबे समय से सक्रिय हैं और क्षेत्रीय संघर्षों में उनकी भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है। सऊदी अरब और हूती समूह के बीच पहले भी कई बार तनाव और संघर्ष की स्थिति बन चुकी है।
पाकिस्तान का यह रुख दक्षिण एशिया और खाड़ी क्षेत्र की बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच सामने आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सैन्य भागीदारी से पहले पाकिस्तान को अपने घरेलू और क्षेत्रीय हितों का संतुलन बनाना होगा।
फिलहाल ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद यह साफ नहीं है कि पाकिस्तान किस स्तर की सैन्य सहायता देगा। आने वाले समय में सरकार की ओर से इस मुद्दे पर और जानकारी सामने आ सकती है।
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