इजरायल दुश्मनी भूल फिलिस्तीन को देगा कोरोना वायरस का वैक्सीन
कोरोना वायरस महामारी से पैदा हुई परिस्थिति को देखते हुए
जनता से रिश्ता वेबडेस्क: यरुशलम | कोरोना वायरस महामारी से पैदा हुई परिस्थिति को देखते हुए इजरायल ने फिलिस्तीन के साथ आपसी दुश्मनी तक को भुला दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री बेनी गेंट्ज के हवाले से बताया गया है कि तेल अवीव से जल्द ही फिलिस्तीन को कोरोना वैक्सीन की सप्लाई की जाएगी। यह वैक्सीन फिलिस्तीन में अग्रिम मोर्चों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई जाएगी।
फिलिस्तीन तक वैक्सीन न पहुंचाने पर घिरा हुआ था इजरायल
ऐसा पहली बार हुआ है जब इजरायल ने फिलिस्तीन को टीके देने को लेकर पुष्टि की है। फिलिस्तीन को टीके मुहैया नहीं कराने को लेकर इजरायल संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और मानवाधिकार समूहों की ओर से आलोचना का सामना कर रहा था। इजराइल ने कहा था कि वह इसके लिये जिम्मेदार नहीं है।
दुनिया में सबसे तेज टीकाकरण कर रहा इजरायल
अंतरराष्ट्रीय दवा निर्माता कंपनियों फाइजर और मॉडर्ना के साथ खरीद समझौता होने के बाद इजराइल में लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि दुनिया में सबसे तेज वैक्सीनेशन करते हुए इजरायल ने अपनी 80 फीसदी आबादी को अबतक टीका लगा दिया है। वहीं, फिलिस्तीन में टीकाकरण कार्यक्रम अभी शुरू नहीं हुआ है।
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच विवाद की क्या है वजह
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच विवाद 20वीं सदी में शुरू हुआ था। यह विवाद काफी बड़ा है और कई मुद्दों को अपने भीतर समेटे हुए है। यीशुव (फलस्तीन में रहने वाले यहूदी) और ऑटोमन-ब्रिटिश शासन के तहत फिलिस्तीन में रहने वाली अरब आबादी के बीच हुए विवाद को मौजूदा टकराव का हिस्सा माना जाता है। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच विवाद के प्रमुख मुद्दों में एक-दूसरे के अस्तित्व को मान्यता, सीमा, सुरक्षा, जल अधिकार, येरूशलम पर नियंत्रण, इस्राइली बस्तियां, फलस्तीन का आजादी आंदोलन और शरणार्थियों की समस्या का हल भी शामिल हैं।
50 लाख के करीब है फिलिस्तीन की आबादी
फिलिस्तीन की आबादी 50 लाख के आसपास है और जनसंख्या के आधार पर फिलिस्तीन दुनिया में 121वें नंबर पर है। फिलिस्तीन की 99 फीसदी आबादी शफी-ए-इस्लाम का पालन करती है जो सुन्नी मुस्लिम धर्म की एक शाखा है। दुनिया में 136 देश फिलिस्तीन को मान्यता देते हैं।